इससे दलों और प्रत्याशियों के सभी सियासी समीकरण उलझ गए हैं। इस सीट पर भाजपा के दीपक पटेल और सपा के मुजतबा सिद्दीकी के बीच नजदीकी मुकाबला बताया जा रहा है। ऐसे में मतदान में कमी का नतीजे पर बड़ा प्रभाव पड़ने की बात कही जा रही है।
इसे देखते हुए दोनों दल बूथवार पड़े मतों की समीक्षा में लगे हैं और अपने-अपने तर्क बना रहे हैं। हालांकि, पूर्व के चुनावों के अनुभव के आधार पर इससे भाजपा को अधिक नुकसान की बात कही जा रही है।
सीएमपी में राजनीति विज्ञान के अध्यापक डॉ. संजय पांडेय का कहना है कि उपचुनाव को लेकर लोगों में खास उत्साह नहीं रहता। इस चुनाव का सरकार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने जा रहा है। यह लोगों को भी पता है। इसलिए कम लोग निकले। यह पहले भी देखा गया है कि उपचुनाव में कम वोट पड़ते रहे हैं। इसका कोई अध्ययन तो नहीं हुआ है कि कम मतदान से किसे ज्यादा नुकसान होता है लेकिन किसी भी चुनाव में मतदाताओं में उत्साह न होना सत्ता पक्ष के लिए अच्छा नहीं होता।
फूलपुर के लिए 2012 से लेकर अब तक हुआ मतदान
विधानसभा चुनाव वर्ष मत प्रतिशत
2024 (उपचुनाव) 43.45
2022 60.38
2017 70.14
2012 59.91
लोकसभा चुनावों में फूलपुर विधानसभा में हुआ मतदान
चुनाव वर्ष मत प्रतिशत
2024 56.18
2019 55.61
2018 (उपचुनाव) 46.32
2014 56.71