इस मामले की जांच एसटीएफ के पुलिस उपाधीक्षक नवेंदु कुमार ने शुरू कर दी है। उन्होंने कुलपति और कुलाधिपति के शैक्षणिक रिकॉर्ड विश्वविद्यालय प्रशासन से मांगे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि कुलपति और कुलाधिपति के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के रिकॉर्ड एसटीएफ को मुहैया करा दिए गए हैं।
सेवानिवृत्त प्रोफेसर सुव्रत सिंह द्वारा कुलपति की पीएचडी उपाधि फर्जी बताने की शिकायत निराधार है। सुव्रत सिंह शुआट्स में सेवाकल के दौरान यौन उत्पीड़न के दोषी पाए गए थे, तभी से विश्वविद्यालय से बदला लेने के लिए कुलपति एवं अन्य अधिकारियों के खिलाफ झूठे आरोप लगातार लगाते रहे हैं। सत्यता यह है कि शुआट्स के कुलपति डॉ. आरबी लाल ने 1990 में कंसास स्टेट यूनिवर्सिटी, यूएसए से स्वॉयल साइंस में पीएचडी की है। साथ ही 1991 में पीडीएफ भी किया है। उनकी सभी डिग्रियां वैध हैं। एसटीएफ द्वारा कुलपति की डिग्री के संबंध में जो सूचना मांगी गई थी, विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध कराई जा चुकी है। - रमाकांत दुबे, पीआरओ, शुआट्स