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पीएचडी प्रवेश के बाद होगा पुनर्परीक्षा पर फैसला

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पीएचडी प्रवेश के बाद होगा पुनर्परीक्षा पर फैसला
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प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) की संयुक्त शोध प्रवेश परीक्षा (क्रेट) में चार विषयों में सभी सीटें खाली रह गईं। इन सीटों पर प्रवेश के लिए पुनर्परीक्षा होगी या नहीं, इस पर निर्णय पीएचडी की प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के बाद लिया जाएगा। वहीं, कॉपियों का पुनर्मूल्यांकन नहीं कराया जाएगा।
इविवि में सोमवार को प्रवेश समिति की बैठक थी, जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई और निर्णय भी लिए गए। इविवि एवं संघटक कॉलेजों में पीएचडी की 655 सीटों पर प्रवेश के लिए 20 मई को क्रेट का आयोजन किया गया था। सभी विषयों का रिजल्ट जारी किया जा चुका है। इनमें से गणित, मैटेरियल सांइस, कंप्यूटर साइंस समेत चार विषयों में योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण क्रेट में सभी सीटें खाली रह गईं। वहीं, बॉटनी में 48 सीटों के मुकाबले महज एक अभ्यर्थी क्वालीफाई कर सका।
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इसी तरह अर्थशास्त्र में आधे से अधिक सीटें योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण खाली रह गईं। वहीं, कई अन्य विषयों में भी सीटों से कम संख्या में अभ्यर्थी क्वालीफाई कर सके। सोमवार को हुई प्रवेश समिति की बैठक में रिक्त सीटों को भरे जाने पर विचार हुआ। तय हुआ कि जिन विषयों के रिजल्ट जारी किए जा चुके हैं, पहले उन विषयों में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू ने निर्देश दिए कि किसी भी सूरत में 15 दिनों के भीतर पीएचडी प्रवेश की प्रक्रिया पूरी हो जानी चाहिए।
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यूजीसी के नियमों के तहत अगर बड़ी संख्या में सीटें खाली रह जाती हैं तो स्पेशल ड्राइव के तहत रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए पुनर्परीक्षा कराए जाने का प्रावधान है। कुलपति ने कहा कि पीएचडी प्रवेश की प्रक्रिया पूरी होने के बाद देखा जाएगा कि कितनी सीटें खाली रह गई हैं और फिर पुनर्परीक्षा को लेकर निर्णय लिया जाएगा। कई अभ्यर्थियों ने कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन के लिए भी आवेदन किया था लेकिन इविवि के नियम-परिनियम में यह व्यवस्था नहीं है, सो तय हुआ कि पुनर्मूल्यांकन नहीं कराया जाएगा।
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