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Prayagraj : जामिया उर्दू अलीगढ़ की फर्जी डिग्री अदीब ए कामिल से सहायक अध्यापक बने 18 लोगों की याचिका खारिज

Sun, 18 May 2025 06:32 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जामिया उर्दू अलीगढ़ से एक साल में अदीब ए कामिल डिग्री से 2013 में सहायक अध्यापक बने 18 याचियों की नियुक्ति निरस्त करने के बोर्ड के आदेश पर हस्तक्षेप करने से इन्कार कर दिया है।
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जामिया मिलिया इस्लामिया - फोटो : JMI
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जामिया उर्दू अलीगढ़ से एक साल में अदीब ए कामिल डिग्री से 2013 में सहायक अध्यापक बने 18 याचियों की नियुक्ति निरस्त करने के बोर्ड के आदेश पर हस्तक्षेप करने से इन्कार कर दिया है। कहा कि यह मान्य डिग्री नहीं है। जामिया उर्दू को यूजीसी से मान्यता नहीं है। इसके बावजूद स्नातक की अदीब ए कामिल डिग्री बांट दी। ये सहायक अध्यापक नियुक्ति के योग्य नहीं हैं।

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यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकलपीठ ने अजहर अली सहित 18 लोगो की याचिकाओं को खारिज करते हुए दिया है। याचियों का कहना था कि इंटर के बाद उन्होंने जामिया उर्दू में प्रवेश लिया और एक साल में परीक्षा पास कर डिग्री हासिल की है। इसके बाद टीईटी-2013 पास किया। सहायक अध्यापक भर्ती में शामिल हुए और सफल रहे। कई की नियुक्ति की गई। कुछ ने ज्वाइन किया। कुछ का स्कूल आवंटन होना है तो कुछ इंतजार कर रहे हैं।

बीएसए के अधिवक्ता बीपी सिंह कछवाह ने कहा कि शिकायत की जांच की गई रिपोर्ट आने पर आदेश दिया गया है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि जामिया उर्दू में कोई टीचर नहीं है। कोई क्लास रूम नहीं। छह माह से एक साल में डिग्री बांटी जा रही। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से मान्यता नहीं है। ऐसे में इन्हें नियुक्ति पाने का हक नहीं है। कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद सभी याचिकाएं खारिज कर दीं। 

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