इलाहाबाद हाईकोर्ट में सावन के महीने में कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित मांस की दुकानों को बंद करने के वाराणसी नगर निगम के आदेश को चुनौती दी गई है। बुधवार को इस संबंध में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष मोहम्मद सुहैल की ओर से जनहित याचिका दायर की गई है। तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए नगर निगम वाराणसी के 19 जुलाई 2024 के निर्देश को रद्द करने की मांग की गई है।
याचिका में कहा गया है कि वाराणसी नगर निगम का निर्देश व्यापार या कारोबार को करने की मौलिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करता है। साथ ही भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत सम्मान और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के साथ जीवन के मौलिक अधिकार का भी उल्लंघन करता है। सावन में कांवड़ियों की प्रथा सदियों पुरानी है। वहीं, इस दौरान मांस की दुकानें हमेशा खुली रहती हैं। इस तरह के निर्देश से अधिकारी पहचान के आधार पर एक वर्ग का बहिष्कार करने की कोशिश कर रहे हैं।
अधिकारियों ने इस तथ्य पर विचार किए बिना निर्देश पारित कर दिया। इससे दुकानदारों की आजीविका प्रभावित होगी। मांसाहारी वस्तुओं की बिक्री के आधार पर व्यवसाय बंद करना गलत है। याचिका में यह भी कहा गया है कि इस तरह का निर्णय व्यक्तिगत स्वतंत्रता और भोजन की पसंद के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करता है। किराये पर दुकान लेकर व्यवसाय करने वाले लोगों को दुकानों के अचानक बंद होने से परेशानी होगी। ये मांस की दुकानें ज्यादातर मुस्लिम धर्म के लोगों की हैं।