प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कायस्थ पाठशाला प्रयागराज के 25 दिसंबर को होने वाले चुनाव में नए बने सदस्यों को वोट देने से रोकने की याचिका खारिज कर दी है। याचिका में सचिव द्वारा सहायक निबंधक को भेजी गई सदस्य सूची के खिलाफ आपत्ति तय करने का निर्देश जारी करने की मांग की गई थी।
कोर्ट ने कहा किसी कानून का उल्लंघन होने या कानूनी दायित्व न निभाने की दशा में ही कोर्ट समादेश जारी कर सकती है। इसके साथ ही कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इन्कार कर दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र ने निशीथ वर्मा व दो अन्य की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने कहा याची चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद सक्षम प्राधिकारी के समक्ष चुनौती दे सकते हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि चुनाव प्रक्रिया चल रही है। कायस्थ पाठशाला के सचिव ने बाइलाज के तहत सदस्य सूची सहायक निबंधक को सौंप दी है। ऐसे में चुनाव के दौरान सहायक निबंधक को याची की आपत्ति पर निर्णय लेने का समादेश जारी नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने कहा धारा नौ के तहत 2380 नए सदस्य बने हैं। कायस्थ पाठशाला में कुल लगभग 35000 सदस्य हैं। भेजी गई सूची कार्यकारिणी परिषद से अनुमोदित है। कार्यवाही नियमानुसार की गई है। कोर्ट ने कहा अदालत को कानून में संशोधन का अधिकार नहीं है, यह विधायिका ही कर सकती है। धारा चार बी की कार्यवाही पूरी की गई है। याचिका में पूर्व अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता टी पी सिंह की सदस्यता समाप्त करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की भी चर्चा की गई। जिस पर सहायक निबंधक ने निर्णय ले लिया है किंतु, वह सील कवर में है। किसी को निर्णय की जानकारी नहीं है।