कोरोना संक्रमण के भले ही रोजाना औसतन 150 के करीब मरीज सामने आ रहे हों, सैर सपाटा के शौकीन लोगों पर इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ रहा है। पिछले सप्ताह ही रेलवे द्वारा गोवा के लिए सीधी ट्रेन चलाने का एलान किया गया था। इसकी बुकिंग शुरू हुई तो महज दो दिन में ही इस ट्रेन में अगले एक महीने के लिए सभी श्रेणियों में लंबी प्रतीक्षा सूची हो गई। हालांकि तत्काल श्रेणी में अभी इस ट्रेन में टिकट बुक कराई जा सकती है।
प्रयागराज से गोवा के वास्को-द-गामा के लिए शनिवार 24 अक्तूबर से सीधी ट्रेन शुरू होने जा रही है। सप्ताह में एक दिन चलने वाली यह ट्रेन 38 घंटे में प्रयागराज छिवकी से वास्को-द-गामा पहुंच जाएगी। इस ट्रेन पर तमाम टूर ऑपरेटरों की भी निगाह थी। प्रयागराज छिवकी से कम बर्थ का कोटा होने की वजह से टूर ऑपरेटरों ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय एवं पटना से इस ट्रेन में बुकिंग करवा कर बोर्डिंग प्रयागराज छिवकी करवा दी।
दरअसल, शनिवार की शाम छह बजे छिवकी से रवाना होने की वजह से लोगों को रविवार की छुट्टी मिल रही है। सोमवार सुबह दस बजे ट्रेन गोवा पहुंच जा रही है। जबकि वापसी में यह ट्रेन बुधवार शाम छह बजे है। ऐसे में सैर सपाटा के लिए वहां दो रात तीन दिन का समय लोगों को मिल रहा है। यानी कि शनिवार की शाम छह बजे प्रयागराज छिवकी से रवाना होकर शुक्रवार की सुबह पांच बजे इस ट्रेन से गोवा घूमकर वापस लौटा जा सकता है।
प्रयागराज में एक टूर ऑपरेटर एजेंसी चलाने वाले आशुतोष श्रीवास्तव ने बताया कि लॉक डाउन की वजह से लोग खासा ऊब गए हैं। इसी वजह से गोवा के लिए चल रही सीधी ट्रेन को यहां से बेहतर रिस्पांस मिला। कहा कि यह ट्रेन नियमित की जानी चाहिए। सिर्फ त्यौहारी सीजन में चलाने का कोई औचित्य नहीं।
ट्रेन से पश्चिमी घाट के साइड सीन का भी रोमांच
गोवा एक्सप्रेस के रूट में पश्चिमी घाट भी शामिल है। मुंबई के कल्याण से यह ट्रेन कोंकण रेलवे के रूट में डायवर्ट हो जाती है। ट्रेन सुबह दस बजे भले ही वास्को-द-गामा पहुंचे, लेकिन सुबह के समय पश्चिमी घाट के साइड सीन इस ट्रेन में सफर करने वाले लोगों को देखने को मिलेंगे। एक ट्रेवेल्स एजेंसी चलाने वाले विशाल ने बताया कि कोंकण रेलवे के रूट में कई झरने भी है, जो लोगों को इस ट्रेन के माध्यम से देखने को मिल सकते हैं।