फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj News: बिजली की अघोषित कटौती से लोग बेहाल

Sun, 26 Apr 2026 01:59 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
विज्ञापन
विज्ञापन
मीरगंज/दुनका/गुलड़िया। ग्रामीण क्षेत्र में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। भीषण गर्मी में बिजली न आने से लोग बेहाल हैं।
विज्ञापन

ग्रामीणों का कहना है कि सुबह से लेकर देर रात तक बिजली की आपूर्ति बेहद अनियमित रहती है। कई बार तो पूरे-पूरे दिन बिजली नहीं आती। इससे पंखे, कूलर और पानी की मोटर सब ठप पड़े रहते हैं। गर्मी और उमस के कारण बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की हालत सबसे ज्यादा खराब हो रही है।
किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सिंचाई के लिए बिजली न मिलने से फसलें सूखने की कगार पर हैं। छोटे व्यवसाय और दुकानदार भी प्रभावित हो रहे हैं।
विज्ञापन

विद्युत निगम के जूनियर इंजीनियर रामदेव बर्मा ने बताया कुछ दिनों से गेहूं की फसलों में जगह-जगह आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इस वजह से दिन में आपूर्ति बंद रखी जाती है।
विद्युत उपकेंद्र पुन्नापुर से जुड़े दर्जनों गांवों में भी विद्युत आपूर्ति का बुरा हाल है। इस उपकेंद्र से सिंचाई और घरेलू मिलाकर कुल छह फीडर संचालित हो रहे हैं। पिछले दिनों इस फीडर की क्षमता भी बढ़कर दोगुनी कर दी गई थी, बावजूद कटौती पर लगाम नहीं लग रही।
बड़ा गांव के रवि कुमार, गुलड़िया के मुकेश, बसंतपुर के बबलू, मोहर सिंह गौटिया के धर्मेंद्र रुखाड़े के सुखपाल आदि ने बताया कि बिजली आपूर्ति की व्यवस्था निजी लाइनमैनों के भरोसे है। फॉल्ट होने पर घंटों मरम्मत ही नहीं की जाती है।
40 गांवों के लोग बिजली कटौती से परेशान
हाफिजगंज। क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की स्थिति बदहाल है। भीषण गर्मी में हाथ के पंख का सहारा लेने के लिए लोग विवश हैं। उपभोक्ताओं बताया कि आए दिन सूरज छिपने के बाद आसपास के 40 गांव अंधेरे में डूब जाते हैं। कभी-कभी ही बिजली आती है। शिकायत के बाद भी अधिकारी सुनने को तैयार नहीं होते। कई बार तो कॉल ही रिसीव नहीं की जाती है। संवाद
विज्ञापन

बिजली न आने से जलापूर्ति ठप
सिरौली। क्षेत्र में बिजली की किल्लत से अब पेयजल का भी संकट गहराने लगा है। शुक्रवार को 11 केवी लाइन में हुए फॉल्ट को तो देर रात करीब 11 बजे सही कर दिया गया मगर लो व हाई वोल्टेज की समस्या अब भी बनी हुई है। कस्बे की जलापूर्ति भी ठप है। नगर पंचायत के जल ऑपरेटर फरहान खान ने बताया कि फॉल्ट के चलते छोटे ओवरहेड टैंक में पानी भरा ही नहीं जा सका। बरेली अड्डे पर स्थित बड़े टैंक से भी सिर्फ 15 मिनट आपूर्ति दी जा सकी। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें