सीएचसी मेजा में मरीजों का इलाज करते चिकित्सक डॉक्टर बबलू सोनकर। संवाद
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मौसम के उतार-चढ़ाव और उमस से बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। मऊआइमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों की संख्या पिछले एक पखवाड़े में दोगुनी हुई है। ओपीडी सामान्य 180-200 से बढ़कर अब 350-400 पार कर गई है। वायरल बुखार, सर्दी-खांसी, उल्टी-दस्त, पेट दर्द और आंखों के संक्रमण के मरीज सर्वाधिक हैं।
डॉक्टरों के अनुसार, बारिश के बाद जलभराव, दूषित पेयजल और नमी से बैक्टीरिया-वायरस सक्रिय हुए हैं। इसका सीधा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। पिछले तीन दिन में 200 से अधिक वायरल बुखार के मरीज पंजीकृत हुए हैं। इसके अलावा, उल्टी-दस्त के 40 और आंखों के संक्रमण के 25 से अधिक मामले सामने आए हैं। कैशर अली, बचऊ पटेल, चंद्रशेखर और विजय कुमार ने अपनी परेशानी बताई। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
सीएचसी प्रभारी मऊआइमा डाॅ. अभिमन्यु ने बताया कि मौसम बदलने से वायरल फीवर के मामले बढ़े हैं। ओपीडी पहले से दोगुनी हुई है। सीएचसी पर सभी जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक है।
सीएचसी मेजा में मौसमी बुखार के मरीज बढ़े
सीएचसी मेजा में मौसमी बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। मंगलवार को साढ़े तीन सौ से अधिक मरीजों की ओपीडी हुई। चिकित्सक बबलू सोनकर ने बताया कि ज्यादातर मरीज मौसमी बुखार से पीड़ित थे। उन्होंने सर्द-गरम से बचने, पानी उबालकर पीने और खुले में भोजन न करने की सलाह दी।
दो माह से एक्सरे मशीन खराब, मरीज परेशान
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मेजा की एक्सरे मशीन पिछले दो माह से खराब है। मशीन में बिजली का करंट आने के कारण एक्सरे का काम बंद है। इससे मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। नेवढिया गांव के रविशंकर ने बताया कि उनके पैर में चोट लगी है। वह पखवाड़े भर में दो बार एक्सरे कराने आए, पर मशीन खराब होने के कारण लौट गए। इस वजह से उनके पैर का इलाज नहीं हो पा रहा है। इसी तरह, श्रीकापूरा के संजय भी सप्ताह भर से एक्सरे के लिए चक्कर लगा रहे हैं। उनके हाथ में लगी चोट का भी एक्सरे नहीं हो पा रहा है। सीएचसी के अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि एक्सरे मशीन में करंट उतरने की दिक्कत है। उन्होंने जल्द ही समस्या का निराकरण करने का आश्वासन दिया है।
सीएचसी मेजा में मरीजों का इलाज करते चिकित्सक डॉक्टर बबलू सोनकर। संवाद- फोटो : Archive