कोहड़ार बाजार से मुड़पेला गांव तक सड़क पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। सड़क की हालत इतनी खराब है कि यहां से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है। गांव की रहने वाली समाज सेवी उषा देवी कुशवाहा ने बताया कि सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं।
हाल यह है कि मामूली बारिश के बाद भी इन गड्ढों में जलभराव हो जाता है, जिससे सड़क और नाले का अंतर खत्म हो जाता है। इन गड्ढों के कारण आए दिन राहगीर और दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि शासन-प्रशासन से बार-बार गुहार लगाने के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो ग्रामीणों ने खुद ही मोर्चा संभाल लिया। ग्रामीणों ने अपनी निजी व्यवस्था से सड़क पर गिट्टी और मोरन डलवाई ताकि रास्ता चलने लायक बना रहे। हालांकि यह अस्थायी समाधान भी ज्यादा दिन नहीं टिक सका। ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक सड़क निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।