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Prayagraj News: नई टाउनशिप में सिर्फ प्लॉट बेचकर पीडीए कमाएगा 1500 करोड़

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एयरपोर्ट के पास 100 हेक्टेयर क्षेत्रफल में प्रस्तावित नई टाउनशिप एयरोसिटी में सिर्फ प्लॉट बेचकर पीडीए 1500 करोड़ रुपये कमा लेगा। यही वजह है कि पीडीए को 300 करोड़ रुपये का लोन देने के लिए छह बैंक सामने आए हैं।
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पीडीए की ओर से प्रयागराज एयरपोर्ट के आसपास 100 हेक्टेयर जमीन पर नई टाउनशिप बसाने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। इस टाउनशिप को बसाने में मूलभूत सुविधाओं पर 417 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। पीडीए 300 करोड़ रुपये बैंक से लोन लेगा। लेकिन पीडीए के लिए यह फायदे का सौदा होगा।
पीडीए के सूत्रों के अनुसार बैंक से लोन लेने से पहले आकलन किया गया है। अगर 30 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से भी नई टाउनशिप में 50 हेक्टेयर क्षेत्रफल में प्लॉट की बिक्री की जाती है तो इससे 1500 करोड़ रुपये की आय होगी। बैंक का पूरा लोन वापस करने के बाद ही एक हजार करोड़ से ऊपर का मुनाफा होगा।
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पीडीए की ओर से सरकार को भेजे गए प्रस्ताव में बताया गया है कि एयरोसिटी में अनुमानित 417 करोड़ रुपये का अवसंरचना निवेश होगा। यह टाउनशिप शहरी विस्तार को सक्षम बनाएगी और मौजूदा शहर में भीड़भाड़ कम करेगी। प्रयागराज हवाईअड्डे से इसकी निकटता हवाईअड्डे के नेतृत्व वाले आर्थिक केंद्र के विकास में सहायक होगी।
एक ग्रीनफील्ड परियोजना होने के नाते यह सतत अवसंरचना, स्मार्ट मोबिलिटी और कुशल भूमि उपयोग योजना को एकीकृत करेगी। यह परियोजना कुंभ मेले जैसे आयोजनों की क्षमता बढ़ाएगी। रोजगार सृजित करेगी और प्रयागराज को एक सुनियोजित, लचीले और निवेश के लिए तैयार शहरी केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।
तीस वर्षों में किसी बड़े नियोजित शहर के अभाव में बढ़ीं समस्याएं
प्रयागराज में अनियोजित विस्तार और बढ़ती जनसंख्या के कारण शहरी व्यवस्था पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। लगभग 30 वर्षों से किसी बड़े नियोजित शहर के निर्माण के अभाव में भीड़भाड़, भूमि का अक्षम उपयोग और अपर्याप्त बुनियादी ढांचा जैसी समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं। सड़कें, जल निकासी और परिवहन नेटवर्क जैसी मूलभूत सेवाएं अत्यधिक दबाव में हैं। एकीकृत विकास के अभाव के कारण प्रयागराज एयरपोर्ट की आर्थिक क्षमता का पूर्ण उपयोग नहीं हो पा रहा है। विकसित भूमि और मुख्य बुनियादी ढांचे की कमी निजी निवेश और संगठित शहरी विकास को सीमित करती है।
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