सोशल मीडिया पर भ्रामक विज्ञापनों के जरिये जमीन की खरीद-फरोख्त करने वालों पर लगाम कसने के लिए प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने सोशल मीडिया के साथ मौके पर भी निगरानी बढ़ा दी है। पीडीए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 14 अकाउंट चिह्नित किए हैं जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएगी।
सोशल मीडिया पर भ्रामक विज्ञापनों के जरिये जमीन की खरीद-फरोख्त करने वालों पर लगाम कसने के लिए प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने सोशल मीडिया के साथ मौके पर भी निगरानी बढ़ा दी है। पीडीए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 14 अकाउंट चिह्नित किए हैं जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएगी। पीडीए की ओर से पिछले तीन माह के दौरान सैकड़ों बीघा जमीन पर अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त की गई है। वहीं, बड़ी संख्या में बिना मानचित्र के कराए जा रहे अवैध निर्माण भी सील किए गए हैं। इसके अलावा जहां नए पुल या अन्य सार्वजनिक निर्माण प्रस्तावित अथवा स्वीकृत हैं, वहां भी भूमाफिया सक्रिय हुए हैं और किसानों से सस्ते में जमीन लेकर बिना ले-आउट के प्लॉटिंग कराकर ऊंचे दामों पर जमीन बेेच रहे हैं।
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हालांकि, पीडीए की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है कि तलपट मानचित्र स्वीकृत कराकर ही विकास कार्य कराया जाए। साथ ही आम जनमानस को सलाह दी है कि किसी भी अवैध कॉलोनी, मेला क्षेत्र एवं बाढ़ क्षेत्र (उच्चतम बाढ़ बिंदु) के भूखंडों का क्रय या विक्रय न करें। हालांकि, पीडीए की ओर से एडवाइजरी जारी किए जाने के बावजूद भूमाफिया विकास के नाम पर लोगों को भ्रामक जानकारी देकर लोगों को आसानी से फंसा ले रहे हैं। ऐसे में पीडीए को सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ानी पड़ी है जिसके माध्यम से भ्रामक प्रचार कर लोगों को फंसाया जा रहा है।
पीडीए की सलाह है कि आम जनमानस किसी भी तरह की संपत्ति की खरीद-फरोख्त से पहले संबंधित दस्तावेजों की अपने स्तर से जांच करा ले। पीडीए ने भी जमीन की खरीद-फरोख्त से संबंधित सोशल मीडिया पर आने वाले भ्रामक विज्ञापनों की निगरानी बढ़ाई है। साथ ही सुपरवाइजरों को भी निर्देश दिए गए हैं कि मौके पर जाकर लगातार मॉनिटनिंग करते रहें। -ऋषि राज, उपाध्यक्ष, पीडीए