आयोग का काम केवल भर्ती परीक्षा कराना और अभ्यर्थियों का चयन करना है। ऐसे में आयोग अपना कोई प्रारूप कैसे निर्धारित कर सकता है। विभाग आरक्षण का निर्धारण करते हुए जितने पदों का अधियाचन भेजेंगे, उतने पदों पर चयन प्रक्रिया आयोग पूरी कराएगा। फिलहाल, अधियाचन के प्रारूप को लेकर शिक्षा विभाग और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के बीच गतिरोध बना हुआ है। यही वजह है कि आयोग व शिक्षा विभाग के अफसरों की कई बैठकें होने और आयोग की ओर से शासन को पत्र लिखकर मामले से अवगत कराए जाने के बावजूद विभाग ने रिक्त पदों का अधियाचन उपलब्ध नहीं कराया है और भर्ती को लेकर उहापोह की स्थिति बनी हुई है।
प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए धरना आज से
प्राथमिक शिक्षक भर्ती का विज्ञापन शीघ्र जारी करने की मांग को लेकर प्रतियोगी छात्र 28 मई से उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग पर बेमियादी धरना शुरू करने जा रहे हैं। छात्र नेता रजत सिंह ने बताया, धरने में प्रयागराज के साथ प्रदेश के अन्य जिलों के अभ्यर्थी भी शामिल होंगे और जब तक आयोग नई प्राथमिक शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी नहीं करता, तब तक धरना जारी रहेगा।