फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

परीक्षाओं में यूपी की महिलाओं के बीच बढ़ी स्पर्धा

विज्ञापन
विज्ञापन
पीसीएस-2019 में महिलाओं के बीच बढ़ेगी स्पर्धा
विज्ञापन

बड़ी संख्या में अन्य राज्यों की महिला अभ्यर्थियों के आएंगे आवेदन
अन्य परीक्षाओं के विज्ञापन में भी यूपीपीएससी ने किया है संशोधन
प्रयागराज। क्षैतिज आरक्षण में अन्य राज्यों की महिलाओं को भी शामिल किए जाने से अब उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की परीक्षाओं में उत्तर प्रदेश की महिला अभ्यर्थियों के लिए स्पर्धा बढ़ने जा रही है। खासतौर पर पीसीएस जैसी प्रदेश की सबसे बड़ी एवं प्रतिष्ठित परीक्षा में महिला अभ्यर्थियों के बीच स्पर्धा अब और भी कड़ी होगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ की ओर से जारी आदेश के बाद आयोग ने न केवल पीसीएस-2018 और एसीएफ/आरएफओ/2018 की प्रारंभिक परीक्षा का संशोधित परिणाम जारी किया है, बल्कि दो सीधी भर्ती परीक्षाओं के विज्ञापन में भी संशोधन करते हुए उस व्यवस्था को समाप्त किया गया है, जिसमें केवल उत्तर प्रदेश की महिला अभ्यर्थियों को क्षैतिज आरक्षण देने का प्रावधान है। स्पष्ट है कि आयोग आने वाले समय में पीसीएस जे, समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) परीक्षा, सहायक अभियोजन अधिकारी (एपीओ) परीक्षा समेत अन्य परीक्षाओं में भी अन्य राज्यों की महिला अभ्यर्थियों को क्षैतिज आरक्षण का लाभ देगा।
विज्ञापन

पीसीएस-2018 और एसीएफ/आरएफओ-2018 की प्रारंभिक परीक्षा में परिणाम में संशोधन के बाद पीसीएस मुख्य परीक्षा के लिए अन्य राज्यों की 160 अतिरिक्त महिला अभ्यर्थियों और एसीएफ/आरएफओ की मुख्य परीक्षा के लिए अन्य राज्यों की 24 महिला अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है। इनके सफल होने के बाद अब मुख्य परीक्षा में भी स्पर्धा बढ़ेगी। लेकिन पीसीएस 2019 से यह स्पर्धा और कड़ी हो जाएगी। अब तक अन्य राज्यों की तमाम महिला अभ्यर्थी पीसीएस का फॉर्म इसलिए नहीं भरती थीं, क्योंकि उन्हें महिला क्षैतिज आरक्षण का लाभ नहीं मिलता था लेकिन अब नई व्यवस्था में अन्य राज्यों की महिला अभ्यर्थियों के आवेदनों की संख्या में तेजी से इजाफा होगा और परीक्षा में यूपी की महिला अभ्यर्थियों को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना होगा।
विज्ञापन

स्पेशल अपील दाखिल करेगा आयोग
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के आदेश के अनुपालन में पीसीएस-2018 की प्रारंभिक परीक्षा का संशोधित परिणाम तो घोषित कर दिया लेकिन इसके साथ ही आयोग इस आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में स्पेशल अपील दाखिल करने की तैयारी भी कर रहा है। आयोग की ओर से जारी संशोधित परिणाम में यह उल्लेख भी किया गया है कि सफल महिला अभ्यर्थियों के परिणाम उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा योजित स्पेशल अपील संख्या-475/2019 एवं आयोग द्वारा योजित की जानी वाली स्पेशल अपील में पारित अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें