पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 24 सितंबर को प्रस्तावित है। परीक्षा केंद्र आवंटित किए जा चुके हैं और एडमिट कार्ड भी जारी हो चुक है। अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र आवंटन से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि परीक्षा केंद्र ऐसी जगह आवंटित कर दिए गए हैं, जहां पहुंचने के लिए सड़क ही नहीं है। इसके अलावा अभ्यर्थियों को सुदूर जिलों में केंद्र आवंटित किए गए हैं। प्रतियोगियों ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के सचिव को ज्ञापन देकर मांग की है कि केंद्र आवंटन की व्यवस्था को पहले की तरह लागू किया जाएगा। अभ्यर्थियों ने ज्ञापन के साथ बदहाल केंद्रों की तस्वीर भी दी है।
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के बैनर तले प्रतियोगियों ने मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय के नेतृत्व में सचिव को ज्ञापन प्रेषित कर मांग की है कि परीक्षा केंद्र निर्धारण की मनमानी प्रणाली को समाप्त करते हुए पूर्व की भांति अभ्यर्थियों से परीक्षा केंद्र का विकल्प मांगा जाए ताकि अभ्यर्थी बिना मानसिक दबाव के परीक्षा में शामिल हो सकें और सुदूर जिलों में परीक्षा देने के लिए अभ्यर्थियों को अनावश्यक रूप से तीन से चार हजार रुपये खर्च न करने पड़ें। आयोग की परीक्षा नियमावली के अनुरूप परीक्षा केंद्र का आवंटन सुनिश्चित किया जाए।
वर्तमान या सेवानिवृत्त शिक्षक अथवा वर्तमान या सेवानिवृत्त अधिकारी को ही कक्ष निरीक्षक की जिम्मेदारी दी जाए। परीक्षा केंद्र के बाहर अभ्यर्थियों के मोबाइल एवं अन्य वस्तुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 2017 में उन परीक्षा केंद्रों को अविलंब निरस्त किया जाए जो अभ्यर्थियों के लिए सर्वसुलभ नहीं हैं। इस बारे में आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि परीक्षा केंद्रों के आवंटन से पहले संबंधित जिलों के अफसरों से केंद्रों का सत्यापन कराया गया था। परीक्षा के लिए समय काफी कम बचा है। ऐसे में केंद्र बदल पाना अब मुश्किल है लेकिन किसी केंद्र में खामी है तो प्रयास किया जाएगा कि वहां समुचित व्यवस्था की जाए।