पीसीएस-2016 मुख्य परीक्षा स्थगित करने की मांग को लेकर अभ्यर्थी शांतनु राय और अवनीश पांडेय का उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग दफ्तर पर बेमियादी अनशन रविवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन के समर्थन में प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के बैनर तले प्रतियोगियों ने आयोग से सुभाष चौराहा तक न्याय मार्च निकाला। अनशन स्थल पर प्रतियोगियों का देर रात तक जमावड़ा बना रहा। हालांकि उनसे वार्ता और हालचाल लेने के लिए जिला प्रशासन और आयोग की ओर से कोई नहीं पहुंचा। इससे प्रतियोगियों की नाराजगी और बढ़ गई। आंदोलन के आगे की रणनीति तय करने के लिए सोमवार को सुबह 10 बजे बैठक बुलाई गई है।
मुख्य परीक्षा मंगलवार को शुरू होगी। इसके विपरीत कई प्रश्न के जवाब पर आपत्ति जताते हुए अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा के रिजल्ट को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। प्रतियोगी हाईकोर्ट का निर्णय आने तक परीक्षा स्थगित करने की मांग कर रहे हैं। इस मांग को लेकर शनिवार से शुरू बेमियादी अनशन के समर्थन में आयोग पर प्रतियोगियों के पहुंचने का क्रम दिन भर जारी रहा। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत शाम को आयोग पर प्रतियोगियों का जमावड़ा हुआ। वहां से उन्होंने सुभाष चौराहा तक न्याय मार्च निकाला। सुभाष चंद्र बोष की प्रतिमा के समक्ष कैंडल जलाकर उन्होंने न्याय की मांग की। इसमें प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थी भी शामिल हुए। प्रतियोगियों ने मांग नहीं माने पर और तेज आंदोलन की चेतावनी दी। अनशन स्थल पर जाकर आइपीएफ के राजेश सचान ने आंदोलन का समर्थन किया। न्याय मार्च का नेतृत्व अमित सिंह राणा, सावन दुबे, मनोज मिश्रा, रितेश सिंह, डॉ.सुनील सिंह आदि ने किया।