ज्यादातर अभ्यर्थियों के पास अपना-अपना प्रिंटर नहीं है। फॉर्म भरने में भी वक्त लगता है, सो अभ्यर्थी साइबर कैफे के माध्यम से आवेदन करते हैं। कई अभ्यर्थियों को फीस ट्रांजेक्शन आईडी तो मिल गई, लेकिन आयोग का सर्वर धीमा होने के कारण वे बैंक ट्रांजेक्शन का प्रिंट आउट नहीं निकाल सके।
ऐसे अभ्यर्थियों ने बैंक ट्रांजेक्शन की प्रक्रिया का स्क्रीनशॉट ले लिया।
अभ्यर्थियों ने आवेदन की हॉर्डकॉपी के साथ बैंक ट्रांजेक्शन आईडी और स्क्रीन शॉट की कॉपी लगा दी, लेकिन जब आवेदन की हार्डकॉपी जमा करते आयोग पहुंचे तो काउंटर पर उनका आवेदन स्वीकार नहीं किया गया। ऐसे अभ्यर्थियों से बैंक ट्रांजेक्शन का प्रिंट आउट मांगा जा रहा है। अभ्यर्थियों ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई है।
उनका कहना है कि आयोग का सर्वर धीमा होने में उनकी क्या गलती। अगर आवेदन स्वीकार नहीं किए गए तो वे मुख्य परीक्षा में शामिल होने से वंचित रह जाएंगे और वर्षों की तैयारी बेकार चली जाएगी। इस बारे में आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि कुछ अभ्यर्थियों ने इस तरह की समस्या बताई है। एनआईसी से बात की जा रही है। अभ्यर्थियों की समस्या का समाधान किया जाएगा और उन्हें नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।