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पीसीएस मुख्य परीक्षा पूरी, अब रिजल्ट का इंतजार

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पीसीएस मुख्य परीक्षा पूरी, अब रिजल्ट का इंतजार
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बदलाव के बाद कॉपियां जांचे जाने की प्रक्रिया होगी जटिल
मुख्य परीक्षा का परिणाम आने में लग सकता है ज्यादा समय
प्रयागराज। नए पैटर्न पर आयोजित पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा मंगलवार को पूरी हो गई। परीक्षा 18 अक्तूबर को हिंदी और निबंध के पेपर के साथ शुरू हुई थी। नए पैटर्न पर आयोजित परीक्षा की कॉपियां जांचे जाने की प्रक्रिया भी अब जटिल होगी। ऐसे में अभ्यर्थियों पहले के मुकाबले इस बार रिजल्ट के लिए अधिक समय तक इंतजार करना पड़ सकता है।
पीसीएस मुख्य परीक्षा के लिए आयोग ने 19258 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया था और इनमें से परीक्षा के लिए 18724 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए। मुख्य परीक्षा में अभ्यर्थियों की उपस्थिति 89 फीसदी रही। परीक्षा के लिए प्रयागराज में 24 और लखनऊ में 17 केंद्र बनाए गए थे। इस बार पैटर्न बदलने के कारण सामान्य अध्ययन के चार प्रश्नपत्रों की परीक्षा हुई और चारों प्रश्नपत्रों में लघुउत्तरीय एवं दीर्घउत्तरीय प्रकार के सवाल पूछे गए। मंगलवार को एक वैकल्पिक विषय की आखिरी परीक्षा थी, जबकि पहले दो वैकल्पिक विषयों की परीक्षा होती थी, जिसमें चार पेपर आते थे और इस बाद दो पेपरों की परीक्षा हुई।
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इसके बाद भी कॉपी जांचे जाने की प्रक्रिया जटिल हुई है। वजह यह कि पहले सामान्य अध्ययन के दो प्रश्नपत्र ही आते थे और उनमें बहुविकल्पीय प्रकार के सवाल पूछे जाते थे। जवाब ओएमआर पर देना होता था और ऐसे में सामान्य अध्ययन के दोनों पेपर कंप्यूटर से ही जांच लिए जाते थे, लेकिन अब इसमें वक्त लगेगा। पहले हिंदी, निबंध, सामान्य अध्ययन एवं दो वैकल्पिक विषयों के कुल आठ पेपरों में छह पेपरों की कॉपियां मैनुअल रूप से जांची जाती थीं, लेकिन बदली व्यवस्था में सभी आठ पेपरों की कॉपियां मैनुअल रूप से जांची जाएंगी और पहले के मुकाबले इसमें अधिक वक्त लगेगा।
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समसामयिक मुद्दों पर आधारित रहे पेपर
- पीसीएस मुख्य परीक्षा के बदले पैटर्न का असर वैकल्पिक विषय की परीक्षा पर भी दिखा। मुख्य परीक्षा में कुल 33 विषय थे, जिनमें से अभ्यर्थियों को विकल्प के रूप में कोई एक विकल्प चुनना था। पूर्व की परीक्षाओं में अमूमन ऐसे सवाल आते थे, जिनमें अभ्यर्थियों को रटे-रटाए जवाब देने होते थे, लेकिन इस बार आयोग ने ट्रेंड बदल दिया और अभ्यर्थियों को बेहतर तरीके से परखने के लिए विषयों के पेपर में भी तमाम सवालों को समसामयिक मुद्दों से जोड़ दिया। उदाहरण के तौर पर एक रक्षा अध्ययन के पेपर में एक सवाल पूछा गया कि मनु और कौटिल्य की युद्ध अवधारणा एवं राजनीति की वर्तमान परिप्रेक्ष्य में व्याख्यान कीजिए। इसके अलावा कई चिंतकों को भी वर्तमान प्रासंगिकता से जोड़कर सवाल पूछे गए।
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