फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीसीएस मामले में सपा सरकार को घेरने में जुटी भाजपा

Mon, 13 Apr 2015 11:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
सूबे में विधानसभा चुनाव दो साल बाद होने हैं लेकिन आरपार की लड़ाई की तैयारी में जुटी भाजपा किसी भी मुद्दे पर सपा सरकार को घेरने का मौका चूकना नहीं चाहती। पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा के पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलित विद्यार्थी परिषद और युवा मोर्चा के आंदोलनों को धार देने के लिए भाजपा सपा सरकार को घेरने की रणनीति बनाने में जुटी है। जल्द ही पार्टी के सांसद और विधायक संयुक्त रूप से राज्यपाल से मिलकर आयोग का मामला उठा सकते हैं। इसमें सीबीआई जांच की मांग भी शामिल होगी। माना जा रहा है कि छात्रों का आंदोलन कमजोर पड़ते ही पूरे मुद्दे को भाजपा ने लपक लिया है। चर्चा है कि युवा मोर्चा और विद्यार्थी परिषद के आंदोलनों की रणनीति आरएसएस के नेता बना रहे हैं।
विज्ञापन


लोक सभा चुनाव के दौरान भी आयोग की भर्तियों का मुद्दा गरमाया था। तब, भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह अल्लापुर की सभा में ललकार गए थे कि सरकार बनने पर आयोग की भर्तियों की सीबीआई जांच कराई जाएगी। जांच तो नहीं हुई, पेपर लीक कांड जरूर हो गया। इसे लेकर हुए छात्र आंदोलन में पार्टी के खिलाफ बन रहे माहौल से भाजपा और आरएसएस नेताओं में छटपटाहट थी। राष्ट्रीय सचिव सिद्धार्थनाथ सिंह से छात्रनेताओं और गृहमंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बीच वार्तालाप इसी का नतीजा था।

 युवा मोर्चा के लोक सेवा आयोग कार्यालय पर प्रदर्शन और लाठी चार्ज के बाद बने माहौल से नकारात्मक प्रचार दूर हुआ। फिर, आरएसएस नेताओं ने किसी भी स्थिति में आंदोलन की धार कमजोर न होने देने की रणनीति बनाई। वर्तमान में आंदोलनकारी छात्र दूसरी परीक्षाओं की तैयारियों में जुट गए हैं। ऐसे में आयोग व उसके अध्यक्ष के खिलाफ पूरे आंदोलन की कमान आरएसएस ने थाम ली है। भाजयुमो ने सभी जिलों में प्रदर्शन कराया है। अब लखनऊ में यह मुद्दा उठाने की तैयारी है। पार्टी सांसद भी मानते हैं कि राज्यपाल से मुलाकात कर सीबीआई जांच और आयोग अध्यक्ष को हटाने का मुद्दा उठाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें