फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीसीएस मुख्य परीक्षा में मानविकी के परीक्षार्थियों को झटका

Thu, 25 Jun 2020 12:34 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
विज्ञापन
UPPSC pcs 2017 result - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

इस बार पीसीएस 2018 की मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद मानविकी विषय के अभ्यर्थियों को तगड़ा झटका लगा है। इन अभ्यर्थियों का आरोप है कि पीसीएस मुख्य परीक्षा में आयोग ने स्केलिंग को समाप्त कर दिया है। इसी वजह से पिछली कई मुख्य परीक्षाओं में सफल हो रहे मानविकी विषय के अभ्यर्थियों को इस बार बाहर होना पड़ गया।

विज्ञापन


इसके विरोध में बुधवार को अभ्यर्थियों ने मम्फोर्डगंज में बैठक की और प्रदर्शन किया। वहीं, यपूीपीएससी की ओर से बयान जारी किया गया है कि स्केलिंग को लेकर किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है। भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा के कौशल सिंह का आरोप है कि पीसीएस-2018 के विज्ञापन में स्केलिंग किए जाने का उल्लेख होने के बाद भी मुख्य परीक्षा में लागू नहीं किया गया।

वहीं कई प्रतियोगी छात्रों ने आरोप लगाए हैं कि आयोग ने रिजल्ट तैयार करने के बाद कई बार उसमें संशोधन किया। छात्र आंदोलन के साथ कोर्ट जाने और सोशल मीडिया ट्विटर पर अभियान चलाने जा रहे हैं। रक्षा अध्ययन विषय से लगातार साक्षात्कार दे रहे प्रतियोगी छात्र पंकज श्रीवास्तव का कहना है कि इस बार पेपर अच्छा होने के बावजूद मुख्य परीक्षा में असफल रहे।
विज्ञापन


इसी प्रकार इतिहास विषय से लगातार साक्षात्कार में शामिल हो रहे अभिषेक सिह का कहना है कि पेपर अच्छा होने के बाद भी सफलता नहीं मिली। छात्रों का आरोप है कि मानविकी विषयों के प्रति भेदभाव बरता गया। इस परिणाम में मानविकी के अधिकतर परीक्षार्थी बाहर हो गए हैं। इस बारे में आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि स्केलिंग व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुपालन में लागू की गई है, इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।

ट्विटर पर छात्र चलाएंगे अभियान
भ्रष्टाचार मोर्चा के अध्यक्ष कौशल सिंह ने ट्विटर ट्रेंड #scaling? uppcsmains2018 टोल स्टार्ट किया है। इसमें मुख्यमंत्री, गृहमंत्री एवं प्रमुख सचिव कार्मिक आयोग अध्यक्ष को सभी प्रतियोगी छात्र ट्विटर टोल करेंगे। प्रतियोगी छात्रों ने पीसीएस मुख्य परीक्षा 2018 को कोर्ट में चैलेंज करने का फैसला किया है। विरोध करने वालों में प्रतियोगी छात्र आलोक सिंह बंटी , चंद्रशेखर सिंह, अविनाश सिंह, अमित चौधरी, गिरीश पाण्डेय, रितेश सिंह, एसएस बरनवाल, केके सिंह, संजीव सिंह , डिंपल सिंह, बीएन गुप्ता, अतुल कुशवाहा, आशुतोष, अरविंद कुमार यादव आदि शामिल रहे।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें