पीसीएस परीक्षा में लगातार हो रहे बदलावों के मद्देनजर ओवरएज अभ्यर्थियों को दो अतिरिक्त अवसर दिए जाने की अभ्यर्थियों की मांग पर शासन ने संज्ञान लिया है। मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद शासन स्तर से मामले में उचित कार्यवाही के लिए संबंधित विभाग को पत्र भेजा गया है। हालांकि, प्रतियोगी छात्र पीसीएस-2020 और पीसीएस-2021 में अतिरिक्त अवसर की मांग कर रहे थे, जबकि पीसीएस-2020 का रिजल्ट जारी किया जा चुका है। छात्रों की मांग है कि अब पीसीएस-2021 और पीसीएस-2022 में ओवरएज अभ्यर्थियों को दो अतिरिक्त अवसर प्रदान किए जाएं।
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय ने केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति को तीन मई 2020 को पत्र लिखकर ओवरएज अभ्यर्थियों को पीसीएस-2020 और 2021 में शामिल होने के लिए दो अतिरिक्त अवसर देने की मांग की थी। अवनीश का कहना था कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग पिछले कुछ वर्षों से पीसीएस परीक्षा में लगातार बदलाव कर रहा है।
ऐसे में प्रतियोगी छात्रों की परीक्षा तैयारी प्रभावित हुई है। वहीं, इससे पूर्व सपा सरकार में परीक्षाओं में धांधली के तमाम मामले सामने आए और इस वजह से भी योग्य प्रतियोगी छात्र चयन से वंचित रह गए। कोरोना महामारी के बीच बढ़ी बेरोजगारी से प्रतियोगी छात्र हताश हैं। ऐसे में ओवरएज हो रहे प्रतियोगी छात्रों को पीसीएस परीक्षा में शामिल होने के लिए दो अतिरिक्त अवसर प्रदान किए जाएं।
अवनीश के इस पत्र का संज्ञान लेते हुए ग्रामीण विकास राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर प्रकरण से अवगत कराया। साथ ही मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया कि इस मामले में सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए आवश्यक कार्यवाही की जाए। इस मामले में अब शुभ्रांत कुमार शुक्ल, विशेष सचिव शासन की ओर से पत्र भेजकर अवगत कराया गया है कि प्रकरण पर समुचित कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को संदर्भित किय जा रहा है।
यानी शासन की ओर से मामले में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को पत्र भेज दिया गया है। हालांकि, इस पर अभी अंतिम निर्णाय नहीं हुआ है और पीसीएस-2020 की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम भी घोषित हो चुका है। प्रतियोगी छात्रसंघ समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय का कहना है कि पैटर्न में बदलाव के कारण बड़ी संख्या में छात्र प्रभावित हुए हैं। इनमें वे अभ्यर्थी भी शामिल हैं, जो ओवरएज हो गए हैं और परीक्षा में शामिल नहीं हो सकते हैं। समिति मांग करती है कि ऐसे अभ्यर्थियों को अब पीसीएस-2021 और पीसीएस-2022 में दो अतिरिक्त अवसर प्रदान किए जाएं।