प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने पीसीएस-2020 के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। जो अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए शुल्क जमा करने के बावजूद रसीद का प्रिंट आउट नहीं निकाल सकें हैं, वे बिना शुल्क रसीद के अपना आवेदन आयोग में जमा कर सकेंगे। इस बारे में यूपीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक अरविंद कुमार मिश्र ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों से यह भी कहा है कि संबंधित कॉलम में यदि सूचना उपलब्ध हो तो दें, अन्यथा उसे रिक्त छोड़ दें। पीसीएस-2020 की मुख्य परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन सब्मिट करने की अंतिम तिथि 14 दिसंबर और आवेदन की हार्डकॉपी आयोग में जमा करने की अंतिम तिथि 21 दिसंबर (शाम पांच बजे तक) है।
आयोग ने पीसीएस-2020 की मुख्य परीक्षा के लिए 5535 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया था। मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करना है और इसकी हॉर्डकॉपी आयोग में जमा करनी है। अभ्यर्थियों को पहले आवेदन सब्मिट करना पड़ता है और इसके बाद ऑनलाइन फीस जमा होती है। ऑनलाइन फीस जमा करने का फॉर्म सब्मिट करते ही अभ्यर्थियों को बैंक ट्रांजेक्शन आईडी प्राप्त हो जाती है और उसी वक्त इसका प्रिंट आउट भी निकालना होता है। शुल्क रसीद की कॉपी भी आवेदन के साथ संलग्न की जाती है। कई अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन शुल्क जमा किया और उन्हें बैंक ट्रांजेक्शन की आईडी भी मिल गई लेकिन आयोग का सर्वर धीमा होने के कारण अभ्यर्थी फीस रसीद का प्रिंट आउट नहीं निकाल सके।
ऐसे अभ्यर्थी जब आयोग में आवेदन की हार्डकॉपी जमा करने पहुंचे तो शुल्क रसीद की कॉपी न होने के कारण उनका आवेदन स्वीकार नहीं किया गया। अभ्यर्थियों ने आयोग में अपनी शिकायत दर्ज कराई और पूछा कि जब आयोग का सर्वर धीमा है तो इसमें अभ्यर्थियों की क्या गलती। अगर उनका आवेदन स्वीकार नहीं किया गया तो वे मुख्य परीक्षा से वंचित हो जाएंगे, जबकि यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की है। अभ्यर्थियों से शिकायत मिलने के बाद आयोग के अफसरों ने इस मामले में एनआईसी में बातचीत की थी। अब इस समस्या का समाधान कर दिया गया है। परीक्षा नियंत्रक ने विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि ऑनलाइन आवेदन करते समय शुल्क रसीद की मुद्रित प्रति संलग्न नहीं किया जाना है। संबंधित कॉलम में अगर सूचना उपलब्ध हो तो दें, अन्यथा उसे खाली छोड़ दें।