प्रयागराज। पीसीएस-2018 की परीक्षा में क्षैतिज आरक्षण के मसले पर हाईकोर्ट के आदेश पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने प्रारंभिक परीक्षा का संशोधित परिणाम जारी किया था और इसमें दूसरे राज्यों की 160 महिला अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित कर दिया था। इससे यूपी की महिला अभ्यर्थियों को काफी नुकसान हुआ था और दूसरे राज्यों की महिला अभ्यर्थियों से कड़ी टक्कर मिली।
पीसीएस-2018 में शामिल दूसरे राज्यों की महिला अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में रिट कर मांग की थी कि जिस तरह अन्य राज्यों की परीक्षाओं में महिलाओं के लिए निर्धारित क्षैतिज आरक्षण में दूसरे राज्यों की महिला अभ्यर्थी को शामिल किया जाता है, उसी तरह यूपी की परीक्षाओं में अन्य राज्यों की महिला अभ्यर्थियों को 20 फीसदी क्षैतिज आरक्षण का लाभ दिया जाए। कोर्ट ने अपने आदेश में दूसरे राज्यों की महिला अभ्यर्थियों को भी यूपी की परीक्षा में क्षैतिज आरक्षण का लाभ देने को कहा।
कोर्ट के आदेश के अनुपालन में शासन ने एक आदेश जारी किया और इसके बाद यूपीपीएससी ने पीसीएस-2018 की प्रारंभिक परीक्षा के संशोधित परिणाम में दूसरे राज्यों की 160 महिला अभ्यर्थियों को क्षैतिज आरक्षण का लाभ देते हुए उन्हें मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित कर दिया। हालांकि, राज्य सरकार ने इस मामले में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में विशेष अपील दाखिल कर रखी है और आयोग की ओर जारी अंतिम परिणाम में कहा गया है कि यह रिजल्ट हाईकोर्ट में लंबित विशेष अपील के निर्णय पर निर्भर करेगा।