इंटरव्यू दो सत्रों सुबह नौ और दोपहर 12 बजे से आयोजित किया गया। कोरोना से इतर कई अन्य सवाल भी पूछे गए। इंटरव्यू देने के बाद आयोग से बाहर आए अभ्यर्थियों ने बताया कि इंटरव्यू बोर्ड के सामने इस बार जवाब देने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। हर सवाल के जवाब पर एक नया सवाल सामने आ रहा था।
खासतौर पर उन अभ्यर्थियों से अधिक सवाल किए गए, जो पहले से कई नौकरी कर रहे हैं। एक महिला अभ्यर्थी ने बताया कि वह ट्रेजरी अफसर है। इंटरव्यू के दौरान बोर्ड की ओर से कोषागार से संबंधित कुछ ऐसे बारीक सवाल किए गए, जिसने में बारे जवाब देना काफी कठिन था।
कोरोना इस इतर कई अन्य समसामयिक मुद्दों पर सवाल किए गए एक अभ्यर्थी से पूछा गया कि भारत, नेपाल और चीन के त्रिकोणीय संबंध में क्या समस्या है और इसका क्या समाधान हो सकता है? प्रशासनिक पक्ष से भी तमाम सवाल किए गए। मसलन, खसरा और खतौनी क्या है?
इस आसानी से प्राप्त करने के लिए क्या करना होगा? डिप्टी एसपी बने तो आमजन में पुलिस को लेकर जो भय की स्थिति है, उसे समाप्त करने के लिए क्या करेंगे? निचले स्तर पर प्रशासन की सुलभता के लिए क्या होना चाहिए और बतौर एसडीएम के लिए आप क्या उपाय करेंगे? इसके साथ ही इंटरव्यू में हेरिटेज ट्री योजना, आत्म निर्भर भारत आदि पर भी सवाल किए गए।
अभ्यर्थियों ने मास्क पहनकर दिया इंटरव्यू
ऐसा पहली बार हुआ जब अभ्यर्थियों ने मास्क पहनकर इंटरव्यू दिया। वैसे तो इंटरव्यू में अभ्यर्थियों का नाम गोपनीय रखा जाता है लेकिन ऐसा पहली बार हुआ, जब इंटरव्यू बोर्ड के अध्यक्ष एवं सदस्य सामने बैठे अभ्यर्थियों का चेहरा भी ठीक से नहीं देख सके। इंटरव्यू देने पहुंचे अभ्यर्थियों के लिए आयोग के प्रवेश द्वार पर हैंड वॉश और सैनिटाइजर की व्यवस्था भी की गई थी। साथ ही थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही उन्हें आयोग परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई।