प्री में सवालों को लेकर विवाद और मेंस में बंटा था गलत पेपर
आयोग ने प्रिंटिंग प्रेस को दो साल के लिए किया था प्रतिबंधित
प्रयागराज। पीसीएस-2017 की परीक्षा शुरू से ही विवादित रही। प्रारंभिक परीक्षा में गलत सवाल पूछे जाने पर विवाद हुआ तो मुख्य परीक्षा के दौरान एक केंद्र में गलत पेपर बंट जाने पर बवाल हो गया था। बवाल के कारण आयोग को उस दिन की परीक्षा निरस्त करनी पड़ी थी। लगातार विवादों में रही परीक्षा का एक साल बाद परिणाम आने से अभ्यर्थियों ने राहत की सांस ली है।
पीसीएस-2017 की प्रारंभिक परीक्षा 24 सितंबर 2017 को आयोजित की गई थी। इसमें 246654 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। प्री का परिणाम 19 जनवरी 2018 को घोषित किया गया, जिसमें मुख्य परीक्षा के लिए 14032 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए थे। इस दौरान प्रारंभिक परीक्षा में पूछे गए सवालों का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में चला गया। हाईकोर्ट ने 30 मार्च 2018 के अपने आदेश में एक सवाल को हटाने और दो सवालों को जवाब बदलकर संशोधित रिजल्ट जारी करने को कहा। इसके खिलाफ आयोग ने सुप्रीम कोर्ट ने एसएलपी दाखिल कर दी और वहां से राहत मिलने के बाद आयोग ने मुख्य परीक्षा कराई।
मुख्य परीक्षा 18 जून से शुरू कराई गई। परीक्षा के दूसरे दिन प्रयागराज के राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) केंद्र में पहली पाली की परीक्षा के दौरान दूसरी पाली का पेपर बंट गया। पहली पाली में हिंदी और दूसरी पाली में निबंध का पेपर था। पेपर गलत बंटने पर केंद्र में बवाल हो गया था और अभ्यर्थियों ने परीक्षा का बहिष्कार कर दिया था। आधे घंटे बाद ही पेपर व्हाट्सएप पर वायरल हो गया था और आयोग को उस दिन की दोनों पालियों की परीक्षा निरस्त करनी पड़ी थी। दोनों पेपरों की परीक्षा बाद में सात जुलाई को कराई गई थी।
मामले में आयोग ने संबंधित प्रिंटिंग प्रेस को दो साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया था जबकि परीक्षा केंद्र बनाए गए जीआईसी को तीन साल के लिए प्रतिबंधित किया था। साथ ही आयोग की ओर से मामले में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था और परीक्षा ड्यूटी पर लगाए गए अतिरिक्त पर्यवेक्षक, स्टैटिक मजिस्ट्रेट एवं जीआईसी के तत्कालीन प्रधानाचार्य समेत 36 कक्ष निरीक्षकों के निरीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को संस्तुति भेजने का निर्णय लिया था।
पीसीएस-2018 मेंस के बाद ही 2018 का अंतिम रिजल्ट
पीसीएस-2017 का अंतिम चयन परिणाम पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा से पहले आ पाना मुश्किल है। पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा 18 अक्तूबर से प्रस्तावित है जबकि पीसीएस-2017 का इंटरव्यू 16 सितंबर से शुरू होगा। इंटरव्यू को पूरा कराने में कम से कम एक माह का वक्त लगेगा। ऐसे में 2017 का अंतिम चयन परिणाम पीसीएस-2018 मेंस के बाद ही आ सकेगा।
नायब तहसीलदार के सर्वाधिक 114 पद
पीसीएस 2017 में 27 तरह के कुल 676 पद हैं। डिप्टी कलेक्टर 22, डिप्टी एसपी के 90, सीटीओ के 80, जिला कमांडेंट होमगार्ड्स के चार, बीडीओ के 97, जीटीओ/पीटीओ के नौ, टीओ के 47, डीआरएमओ के चार, नायब तहसीलदार के सर्वाधिक 114, डीएसओ के दो, सहायक श्रमायुक्त के आठ, अभिहित अधिकारी के दो, कृषि अधिकारी समूह ‘ख’ के नौ, सांख्यिकी अधिकारी और जिला युवा कल्याण अधिकारी के पांच-पांच, जेल अधीक्षक के चार, डीपीआरओ के दस, जिला दिव्यांग कल्याण अधिकारी के 16, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी के 14, जिला लेखा परीक्षा अधिकारी के दो, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक के आठ, अधिशाषी अधिकारी श्रेणी-वन के 18 एवं जिला रोजगार सहायक अधिकारी के 84 पद है जबकि एसीटीटीए कार्य अधिकारी पंचायतराज के सिर्फ एक-एक पद ही हैं।