देश में लॉकडाउन के दौरान भी प्रयागराज स्थित पीसीडीए पेंशन ऑफिस अपने कर्तव्य का बखूबी निर्वाह किया। कार्यालय ने इस दौरान लगभग 32 हजार रक्षा पेंशनरों को राहत पहुंचाई है। प्रधान नियंत्रक विश्वजीत सहाय ने बताया कि भारत सरकार और रक्षा लेखा महानियंत्रक, नई दिल्ली (रक्षा मंत्रालय) ने पेंशन और एकाउंटिंग को आवश्यक सेवा घोषित किया है। इसके मद्देनजर न्यूनतम कर्मियों की मदद से पेंशन स्वीकृति का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया गया।
गौरतलब है कि मार्च का महीना, वित्त वर्ष क्लोजिंग के कारण सबसे व्यस्त माह होता है, जिसमें कि पूरे वित्तीय वर्ष के खर्चों का लेखा-जोखा, बजट बुकिंग आदि किया जाता है। पीसीडीए पेंशन कर्मियों ने घर और दफ्तर से मिल जुल कर यह सुनिश्चित किया कि मार्च में सेवानिवृत्त हो रहे लोगों को समय से पेंशन मिल सके। उन्होंने बताया कि इस माह लगभग साढ़े दस हजार रक्षा पेंशनरों को पेंशन स्वीकृत की गई है। इसका बजट लगभग 737 करोड़ रुपये का होता है, जिसमें बेसिक पेंशन, डिसेबिलिटी पेंशन, ग्रेच्युटी आदि शामिल है। रक्षा पेंशनरों में जवान ही नहीं बल्कि सैन्य अधिकारी एवं रक्षा मंत्रालय से जुड़े तमाम सिविलियन अधिकारी व कर्मचारियों की पेंशन भी शामिल है।