प्रयागराज। कोविड-19 की बंदिशों की वजह से शनिवार को विश्व विख्यात पथरचट्टी रामलीला कमेटी का मंचन आरंभ नहीं हो सका। अलबत्ता ‘कथा रामराज की’ लीला की जगह कमेटी के पदाधिकारियों ने परंपरा का निर्वाह करते हुए दशहरा महोत्सव के पहले दिन प्रभु श्रीराम व लक्ष्मण के जीवंत स्वरूपों की पूजा-आरती की।
भगवान के स्वरूपों के पूजन के बाद माल्यार्पण कर पथरचट्टी रामलीला कमेटी ने राष्ट्र के मंगल की कामना की। कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष पं मुकेश पाठक और महामंत्री विजय सिंह ने पूजा कराई । वैसे शनिवार से ही इस लीला का मंचन होना था, लेकिन इस बार कोविड के प्रतिबंधों की वजह से लीला स्थगित करनी पड़ी। कमेटी के प्रवक्ता लल्लू लाल गुप्त सौरभ ने बताया कि मंचन न होने केबावजूद लोग रामलीला देखने से वंचित नहीं होंगे।
25 अक्तूबर तक संपूर्ण रामचरित के प्रसंगों पर आधारित लीला का टीवी पर कराया जाएगा। कमेटी के अध्यक्ष पं कपिलमुनि करवरिया के प्रयास से 1999 में ध्वनि -प्रकाश पर आधारित इस लीला के मंचन की शुरुआत हुई थी। कमेटी के महामंत्री विजय सिंह ने श्रद्धालुओं से टीवी पर पथरचट्टी की रामलीला का प्रसारण देखने की अपील की।