रेलवे की भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा सामने आया है। तीन अभ्यर्थियों ने फर्जी तरीके से परीक्षा पास कर ली। प्रमाण पत्रों की जांच के दौरान वे पकड़ में आए। तीनों युवाओं को रेलवे की सभी भर्तियों से डिबार कर दिया गया है।
रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ की ओर से 2018 में ग्रुप डी के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसकी लिखित परीक्षा 2019 में कराई गई। गाजीपुर के मनोज कुमार, प्रतापगढ़ के सुरेंद्र कुमार सरोज और बिहार के लखीसराय के मुकेश कुमार की जगह किसी दूसरे ने परीक्षा दी थी। खास यह कि तीनों लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने के साथ फिजिकल में भी सफल हो गए थे। तीनों अभ्यर्थी वेटिंग लिस्ट में शामिल थे। मुख्य सूची में शामिल अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की तीन चरणों में जांच कराई गई और चयनितों को नियुक्ति भी दी जा चुकी है। अब चौथे चरण में 19 से 23 जुलाई के बीच वेटिंग लिस्ट में शामिल 62 अभ्यर्थियों को वेरिफिकेशन के लिए बुलाया गया है। वेरिफिकेशन के दौरान तीनों अभ्यर्थियों का फर्जीवाड़ा सामने आ गया।
शक होने पर उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने फर्जीवाड़े की बात स्वीकार की। इनमें से मनोज कुमार सोमवार को ही पकड़ में आ गया था। मनोज ने स्वीकार किया कि उसकी जगह परीक्षा देने वाले ने एक लाख रुपये लिए थे। वहीं दो अन्य जालसाज मंगलवार को पकड़ में आए। चेयरमैन अतुल मिश्रा ने बताया कि तीनों अभ्यर्थियों ने लिखित में अपना अपराध स्वीकार किया है। उन्हें रेलवे की सभी भर्तियों से डिबार कर दिया गया है।