इलाहाबाद। शहर को जाम से मुक्त कराने के लिए ट्रैफिक पुलिस की यह पहल सराहनीय होती अगर कार्रवाई सुनियोजित तरीके से होती। स्मार्ट सिटी के नाम पर सिर्फ चालान काटकर सड़क पर ट्रैफिक को व्यवस्थित करने की कवायद कितने दिन चल सकेगी, यह तो वक्त बताएगा लेकिन अभिभावक फिलहाल एक नई मुसीबत का सामना कर रहे हैं। सार्वजनिक पार्किंग पर कब्जा है और रोड पटरी पर ट्रैफिक पुलिस का पहरा।
ऐसे में अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने वाले अभिभावक आखिर कहां जाएं। पार्किंग पर कब्जे के कारण वाहन खड़ा करने की जगह नहीं बची और पटरी पर वाहन लगाया तो चालान काट दिया। व्यवस्था में सुधार के बजाय अधिक से अधिक संख्या में चालान काटकर रिकार्ड को बेहतर बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस की इस कवायद ने अभिभावकों को मुसीबत में डाल रखा है।
स्कूलों के आसपास पार्किंग की समस्या पूरे शहर में है लेकिन पिछले कुछ दिनों से ट्रैफिक पुलिस के निशाने पर सेंट मेरीज कॉन्वेंट और सेंट जोसेफ कॉलेज हैं। कमला नेहरू रोड पर कंपनी बाग के मुख्य गेट के ठीक सामने एक पार्किंग है लेकिन सुबह स्कूल के वक्त इस पार्किंग में इतनी भीड़ हो जाती है कि वाहन खड़ा करने की जगह नहीं बचती। कंपनी बाग के मुख्य गेट से नाजरेथ अस्पताल तक रोड पटरी के बगल में सार्वजनिक पार्किंग स्थल है लेकिन वहां चायपान की दुकानों और गुमटियों का कब्जा है। ऐसे में बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए जाने वाले अभिभावकों के सामने रोड पटरी पर वाहन खड़ा करना मजबूरी है।
ट्रैफिक पुलिस हो या नगर निगम, इस सार्वजनिक पार्किंग को कब्जे से मुक्त नहीं करा सके। कार्रवाई के नाम पर शुक्रवार सुबह सेंट जोसेफ के सामने तमाम वाहनों का चालान कर दिया। कुछ अभिभावक बच्चों स्कूल के अंदर गए और पांच मिनट में लौटे तो ट्रैफिक पुलिस का वाहन उनकी गाड़ी को खींचकर ले जा रहा था। हालांकि दोपहर में छुट्टी के वक्त रोड पटरी फिर वाहन खड़े हो गए और इस बार ट्रैफिक पुलिस के लोग नजर नहीं आए। इसी तरह सेंट मेरीज कॉन्वेंट के आसपास पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है और रोड पटरी पर खड़े वाहनों को चालान काटा जा रहा है।