रेलवे स्टेशनों पर व्यापारियों या अन्य लोगों के पार्सल और गुड्स कई दिनों तक शेड्स में धूल नहीं फांकेंगे। शेड्स में माल पड़ा होने से व्यापारियों को भारी नुकसान होता है। साथ ही कई बार कच्चा माल खराब भी होता है। समस्या का निस्तारण करने के लिए रेलवे ने देशभर के 416 स्टेशनों को चिह्नित किया है। इसमें उत्तर मध्य रेलवे के भी 13 स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों से पार्सल और गुड्स की डिलेवरी फौरन की जाएगी। शेड्स में कोई भी माल डंप नहीं किया जाएगा। रेल मंत्रालय ने इसके लिए अधिसूचना भी जारी कर दी है।
स्टेशन के पार्सल घरों में पैकेट इधर-उधर बिखरे पड़े रहते हैं। पार्सल घर से ट्रेनों के एसएलआर में माल लोड करने और संबंधित स्टेशनों पर उतरने के इंतजाम में रेल कर्मियों की मनमानी के किस्से आए दिन सामने आते हैं। गुड्स के की लोडिंग, अनलोडिंग और आपूर्ति के मामले में भी कारोबारी घरानों की शिकायतें हैं। रेलवे ने समस्या को दूर करने के लिए स्टेशनों को रेल अधिनियम 1989 के तहत चिह्नित किया है। छह महीने के लिए प्रायोगिक तौर पर इन स्टेशनों पर अभियान चलेगा।
उत्तर मध्य रेलवे के आगरा कैंट, आगरा फोर्ट, इलाहाबाद जंक्शन और मिर्जापुर स्टेशन पार्सल के लिए अधिसूचित किया गया है। अलीगढ़, ग्वालियर, झांसी, कानपुर सेंट्रल और मथुरा स्टेशनों को पार्सल व गुड्स तथा इरादतगंज व नैनी (इलाहाबाद) मुरैना, यमुना ब्रिज को गुड्स की बुकिंग के लिए चिह्नित किया है। उत्तर रेलवे के 61 स्टेशनों में वाराणसी, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली, अयोध्या, फैजाबाद, जालंधर कैंट, लुधियाना, नई दिल्ली, काशी, जम्मूतवी, गाजियाबाद, बाराबंकी, आनंद विहार स्टेशन भी हैं।