पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची के पुनरीक्षण में ब्लॉक क्षेत्र के 69 गांवों में बड़े पैमाने पर दोहरी प्रविष्टियां सामने आई। जांच के दौरान ब्लॉक क्षेत्र में करीब 64 हजार से अधिक नाम संदिग्ध पाए गए, जिनमें एक ही व्यक्ति का नाम व पिता का नाम अलग-अलग स्थानों पर दर्ज मिला।
प्रशासन ने विशेष अभियान चलाकर बृहस्पतिवार तक लगभग 50 हजार नामों का सत्यापन पूरा कर लिया है। शेष प्रविष्टियों की जांच जारी है। बूथ स्तर के कर्मचारी घर-घर पहुंचकर मतदाताओं का विवरण मिला रहे हैं और पहचान की पुष्टि के लिए आधार संख्या के अंतिम चार अंक दर्ज किए जा रहे हैं। एडीओ पंचायत अरुण यादव का कहना है कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है, ताकि पंचायत चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न हो सकें।