भगवान की मर्जी के बगैर कोई पत्ता भी नही हिल सकता। यह कहावत प्रतापपुर ब्लाक में चरितार्थ हो गई। हुआ यूं कि प्रधानी का चुनाव जीतने वाली युवती की हार्ट अटैक से अचानक मौत हो गई। जिससे यह चर्चा लोग करते देखे गए कि प्रधानी की जंग तो कंचन जीत गई, लेकिन जिंदगी की जंग हार गई। फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के बरियारी गांव के रहने वाले पूर्व प्रधान प्रेमचन्द्र पटेल ने महिला सीट होने के चलते अपनी पत्नी कंचन देवी (40) को चुनाव मैदान में उतारा था।
शनिवार देर रात कंचन देवी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। गंभीर हालत में परिजन लेकर अस्पताल भागे। लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। रविवार को हुई मतगणना के बाद कंचन सात मतों से प्रधानी के चुनाव में विजयी हो र्गइं। उनकी मौत के बाद अब यहां प्रधानी का चुनाव दोबारा होगा। इसी प्रकार फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के ही पिड़ौना गांव के रहने वाले बसंत लाल (42) पुत्र ईश्वरदीन ने प्रधानी के चुनाव में गांव के भोला पटेल को चुनाव मैदान में उतारा था। रविवार दोपहर प्रतापपुर के सेमरी स्थित मतगणना स्थल पर हुई मतगणना में भोला पटेल 25 वोटों से हार गया। अपने प्रत्याशी की हार सुनकर समर्थक बसंत लाल को गहरा सदमा लगा और वे मतगणना स्थल के बाहर गश खाकर गिर पड़े । जब तक लोग उन्हें अस्पताल लेकर भागे लेकिन उनकी भी मौत हो गई।