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प्रधानी के चुनाव में युवाओं के नाम पर रही बाजी

Sun, 13 Dec 2015 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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प्रधानी का चुनाव इस बार कई मायनों में अलग और महत्वपूर्ण रहा। नए परिसमन के तहत हुए चुनाव में युवा छाए रहे। प्रधानी के चुनाव में युवाओं ने बाजी मारी और 1637 सीटों में आधे से अधिक पर कब्जा कर गांव की सरकार की बागडोर में अपने हाथों में थाम ली। महिलाएं भी पीछे नहीं रहीं। 33 फीसदी आरक्षण से इतर कई ब्लॉकों में महिलाओं ने अलग से सात तक फीसदी सामान्य सीटों पर कब्जा किया। यह बदलाव गांवों के विकास को किस दिशा में ले जाएगा, यह आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन बड़ी संख्या में युवाओं के जीतने से वोटर इस बात की उम्मीद लगाए बैठे हैं कि युवा प्रधान गांव की राजनीति से दूर सिर्फ गांव के विकास की बात करेंगे और कुछ करके दिखाएंगे।
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युवाओं की बात करें तो करछना और मऊआइमा में 60 फीसदी तक युवा ग्राम प्रधान निर्वाचित हुए। वहीं, महिलाओं ने भी 40 फीसदी सीटों पर कब्जा किया। शंकरगढ़ के एक गांव में महज 19 साल के शैलेंद्र सिंह प्रधान के रूप में निर्वाचित हुए तो चाका की भवानीपुर ग्राम पंचायत से 22 वर्षीय रेखा शुक्ला ने कई दिग्गजों को पीछे करते हुए प्रधानी के पद पर कब्जा किया। ये तो चंद उदाहरण हैं। बड़ी संख्या ऐसे उम्मीदवारों की है, जिन्होंने पहली बार चुनाव में हाथ आजमाया और सफल भी रहे। ऐसे उम्मीदवारों की सफलता इस बात का संकेत हैं कि गांव के लोग अब राजनीति नहीं, विकास चाहते हैं।

 यही वजह रही कि तमाम पुराने चेहरों को जनता ने नकार दिया और युवाओं को मौका दिया। 30 फीसदी नव निर्वाचित प्रधान 20 से 30 वर्ष आयु वर्ग के हैं जबकि 20 फीसदी प्रत्याशियों की आयु 30 से 40 वर्ष के बीच है। जसरा, मेजा और उरुवा ब्लॉक में युवाओं ने मजबूती के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और इन ब्लॉकों में 45 से 50 फीसदी युवा ग्राम प्रधान पद पर निर्वाचित हुए। कोरांव और मांडा ब्लॉक में भी कुछ ऐसी ही स्थिति रही। बहरिया, फूलपुर, प्रतापपुर, सैदाबाद, कौड़िहाल, होलागढ़ और सौरांव में भी दस फीसदी ऐसे युवा चेहरे सामने आए, जो पहली बार प्रधानी का चुनाव लड़े और वोटों के खाते अंतर से जीत हासिल की।
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