शासन की मंशा अपराध व अपराधियों केखिलाफ सख्त कार्रवाई की है। लेकिन कुछ पुलिसकर्मी तमाम आदेशों केबाद भी इसे गंभीरता से नहीं ले रहेहैं। एक ऐसा ही मामला सामने आया है जिसमें जमानत याचिका केसंबंध में जानकारी मांगने पर नवाबगंज थाने केदरोगा ने हिस्ट्रीशीटर का अपराधिक रिकॉर्ड ही नहीं भेजा। जानकारी पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई जिसकेबाद पुलिस अफसरों ने आरोपी दरोगा को निलंबित कर दिया है।
मामला नवाबगंज थाने का है। थाना क्षेत्र स्थित मुबारकपुर उपरहार गांव का रहने वाला सूफियान अपराधी है। उस पर हत्या, हत्या का प्रयास समेत करीब दो दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। वह गांव का प्रधान भी रह चुका है और वर्तमान में उसकी पत्नी प्रधान है। कुछ महीनों पहले पुलिस ने उसे आर्म्स एक्ट केमामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोप है कि वह अपने एक रिश्तेदार का लाइसेंसी राइफल लेकर घूमता मिला था। इस मामले में पुलिस ने उस रिश्तेदार को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
सूत्रों के मुताबिक, पिछले दिनों सूफियान की ओर से जमानत याचिका कोर्ट में दाखिल की गई। जिस पर सुनवाई करते हुए पुलिस से आख्या मांगी गई। मामले में नवाबगंज थाना अंतर्गत डंाडी चौकी प्रभारी रामकैलाश की ओर से जो आख्या दी गई, उसकेमुताबिक सूफियान का आपराधिक रिकॉर्ड निल था। इसी दौरान जानकारी मिली कि सूफियान पर दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं और चौकी प्रभारी की ओर से गलत आख्या दी गई है। जिस पर कोर्ट ने आला पुलिस अफसरों को तलब कर कड़ी नाराजगी जताई। मामला संज्ञान में आने केबाद आरोपी दरोगा को निलंबित कर दिया गया। कार्रवाई से नवाबगंज थाने केपुलिसकर्मियों में हड़कंप है।
- कार्य में लापरवाही व अनियमितता केआरोप में कार्रवाई की गई है। साथ ही उसकेखिलाफ विभागीय जांच का भी आदेश दिया गया है। -सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी, डीआईजी