भारत के प्रधानमंत्री के खिलाफ पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो समेत एक अन्य मंत्री साजिया मर्री की आपत्तिजनक बयानबाजी को लेकर सिविल कोर्ट में परिवाद दाखिल किया गया है। कोर्ट ने परिवाद स्वीकार करते हुए पांच जनवरी को इसकी पोषणीयता पर सुनवाई की तारीख तय की है।
आल इंडिया रूरल बार के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश शुक्ल ने लालगंज सिविल कोर्ट में दाखिल परिवाद में कहा है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो की ओर से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी से देश के लोगों में आक्रोश है। पाकिस्तान सरकार की मंत्री साजिया मर्री की ओर से भारत को परमाणु हमले की चेतावनी देना भी जेनेवा समझौते के अंतरराष्ट्रीय कानून का सीधा उल्लंघन है।
परिवाद दाखिल कर ज्ञान प्रकाश शुक्ल ने कोर्ट से पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो समेत वहां की मंत्री के खिलाफ भारतीय कानून के मुताबिक राष्ट्रदोह का केस दर्ज करने की मांग उठाई गई है। याचिका पर बहस करते हुए संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी तथा वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश पांडेय ने कोर्ट में कहा, इस मामले में सीओ रामसूरत सोनकर तथा कोतवाल कमलेश पाल को तहरीर दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।