कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति बिबेक चौधरी की तरह इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहे प्रीतिंकर दिवाकर भी अपने तबादले का दर्द बयां कर चुके हैं। सोमवार को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से हुए विदाई समारोह में उन्होंने कहा था कि छत्तीसगढ़ से उनका इलाहाबाद हाईकोर्ट में तबादला दंड देने के इरादे से किया गया था, लेकिन यह पुरस्कार साबित हुआ। इस बहाने वह एशिया की सबसे बड़ी बार की खूबियों और काबिल वकीलों से परिचित हो सके।
2009 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जज बने प्रीतिंकर दिवाकर बीते 21 नवंबर को ही इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के बतौर सेवानिवृत्त हुए हैं। तीन अक्तूबर 2018 को उनका तबादला इलाहाबाद हाईकोर्ट में किया गया था। इससे वह खुश नहीं थे। बरसों से सीने में दबा उनका यह दर्द सोमवार को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से रखे गए विदाई समारोह में छलक आया। कहा, मेरा स्थानांतरण दंडित करने के इरादे से किया गया था। लेकिन, जैसा कि भाग्य ने चाहा, यह स्थानांतरण वरदान बन गया।