युद्ध की स्थिति में बचाव और राहत कार्य का कैंट हाईस्कूल में माॅक डि्रल किया गया।
- फोटो : अमर उजाला।
क्या होगा मॉकड्रिल के दौरान
अफसरों ने बताया कि मॉकड्रिल के दौरान आपात स्थितियों में नागरिकों के साथ ही सामरिक महत्व वाले प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर सचेत किए जाने के साथ स्कूल-कॉलेजों व अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर लोगों को जागरूक भी किया जाएगा। इस दौरान हवाई हमलों के प्रति सचेत करने के लिए सायरन बजेंगे तो हमले की स्थिति में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्रैश ब्लैकआउट (अचानक बिजली बंद किए जाने) भी किया जाएगा। कुछ स्थानों के लिए अस्थायी ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू किए जा सकते हैं।
कुछ महत्वपूर्ण परिसरों में इवैकुएशन एक्सरसाइज (परिसर को अचानक खाली कराया जाना) भी कराई जा सकती है। स्कूल-कॉलेजों व कम्युनिटी सेंटरों में वर्कशॉप भी आयोजित होंगी। इसमें आम नागरिकों को यह सिखाया जाएगा कि युद्ध जैसी स्थिति में किस तरह से व्यवहार करें। खुद को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की तकनीक के साथ ही छिपने के स्थान ढूंढ़ने, प्राथमिक उपचार व तनावपूर्ण स्थिति में खुद को संयमित रखना भी सिखाया जाएगा।
सभी विभागों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई और उन्हें उनकी भूमिका के बारे में विस्तार से बताया गया। सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शासन के दिशानिर्देशों के मुताबिक बुधवार को मॉकड्रिल का आयोजन किया जाएगा। -- डाॅ.अजयपाल शर्मा, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त
युद्ध की स्थिति में बचाव और राहत कार्य का कैंट हाईस्कूल में माॅक डि्रल किया गया।
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आपात स्थिति में नागरिक सुरक्षा प्रणाली की इन एक्सरसाइजों से परखी जाएंगी तैयारियां
हवाई हमले का सायरन
मॉकड्रिल के दौरान एयर स्ट्राइक/हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजाए जाएंगे। इमरजेंसी में यह अलार्म सिस्टम लोगों को हवाई हमले के प्रति सचेत करते हैं, ताकि वह सुरक्षित स्थान पर पहुंच जाएं।
नागरिकों को प्रशिक्षण
आम लोगों के लिए स्कूल, कार्यालयों और कम्युनिटी सेंटर्स में कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। यहां सिखाया जाएगा कि हमले के दौरान क्या करें। जैसे- ‘ड्रॉप एंड कवर’ तकनीक (झुककर छिप जाओ और कान बंद कर लो), नजदीकी शेल्टर का पता लगाना, प्राथमिक चिकित्सा देना और तनाव के समय शांत रहना सिखाया जाएगा।
क्रैश ब्लैकआउट
देश में अचानक ब्लैकआउट का अभ्यास किया जाएगा। इसमें बिजली आपूर्ति बाधित कर दी जाएगी। रोशनी वाले सभी उपकरण बंद कर दिए जाएंगे, ताकि हवाई हमले के दौरान दुश्मन की नजर से बचा जा सके।
कैमोफ्लाज एक्सरसाइज
कैमोफ्लाज एक्सरसाइज (Camouflage Exercises) यानी सैन्य ठिकानों, संसद, संचार टावरों और बिजली संयंत्रों जैसी रणनीतिक इमारतों और प्रतिष्ठानों को इस तरह ढक (छलावरण) दिया जाएगा कि सैटेलाइट या हवाई निगरानी के दौरान पहचाना ना जा सके।
इवैकुएशन ड्रिल्स
इवैकुएशन ड्रिल्स, यानी अधिकारी अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों पर ले जाने की प्रैक्टिस करेंगे। इवैकुएशन ड्रिल्स में इमरजेंसी में सभी संभावित परेशानियों की पहचान कर संचालन को सुचारू करने में मदद मिलेगी।