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विरोध के बीच ‘पेड प्रिव्यू’ में दिखाई गई फिल्म पद्मावत

Thu, 25 Jan 2018 01:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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padmavati
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फिल्म पद्मावत के बृहस्पतिवार को नेशनल रिलीज से पहले विरोध और चेतावनी के बीच बुधवार को ही सिविल लाइंस स्थित पीवीआर सिनेमाज में दर्शक पद्मावत की पद्मावती से रूबरू हुए। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ‘पेड प्रिव्यू’ के  तहत शाम सात और रात दस बजे से फिल्म के दो शो दिखाए गए। हालांकि पीवीआर के इलाहाबाद से लेकर दिल्ली तक बैठे उच्च अधिकारियों की ओर से बुधवार को फिल्म के बारे में आधिकारिक तौर पर ‘नो कमेंट्स’ ही कहा जाता रहा। पीवीआर के स्थानीय मैनेजर ने माना कि पद्मावत के लिए ऑनलाइन और विंडो दोनों ही तरीके से दो रोज पहले से ही टिकटों की बुकिंग शुरू थी। ऐसे में ‘पेड प्रिव्यू’ के दोनों शो हाउसफुल ही रहे।
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फिलहाल बृहस्पतिवार को पीवीआर सहित शहर के छह सिनेमाघरों के दस ऑडी (स्क्रीन) के साथ फिल्म दिखाई जाएगी। इसके तहत पीवीआर की चार ऑडी, स्टार सिनेमॉज (गौतम, संगीत, दर्पण) की चार ऑडी केअतिरिक्त पायल तथा झंकार में भी फिल्म दिखाए जाने की तैयारी है। सभी जगहों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। फिल्म पद्मावत के प्रदर्शन का विरोध कर रहे राष्ट्रीय हिन्दू सेना के तीन कार्यकर्ताओं को शाम को सिविल लाइंस पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र दुबे ‘सत्या’, संयोजक सचिन पांडेय और वरिष्ठ सदस्य ओमप्रकाश दुबे शामिल हैं।

इससे पहले बृहस्पतिवार को प्रेसक्लब में प्रेसवार्ता के दौरान सत्या ने फिल्म पद्मावत के विरोध में इलाहाबाद बंद का आह्वान किया। कहा, फिल्म को किसी भी स्थिति में सिनेमाघरों में नहीं चलने दिया जाएगा। संबंधित सिनेमाघरों में तालाबंदी की जाएगी। इस दौरान यदि पुलिस ने हस्तक्षेप किया तो शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन होगा लेकिन किसी भी दर्शक को परेशान नहीं किया जाएगा। राजपूत समाज के लिए पद्मावती मां जैसी हैं, उनके सम्मान के साथ किसी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता की अदालत ने पहले ही फिल्म पद्मावत को खारिज कर दिया है। बातचीत के दौरान संगठन मंत्री चंद्रिका पांडेय सोनू, श्रीकांत पांडेय, धनंजय सिंह आदि मौजूद थे।
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राजपूत उत्थान सभा के ठाकुर यशमणि की ओर से दो रोज पहले संबंधित संचालकों को जारी चिट्ठी के माध्यम से फिल्म न दिखाने जाने की अपील की गई थी। इस बीच पायल-झंकार प्रबंधन को भी श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना, उत्तर प्रदेश के प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप चौहान की ओर से फिल्म न दिखाने जाने की चिट्ठी भेजी गई थी। साथ ही चेतावनी भी दी गई थी कि फिल्म का प्रदर्शन किए जाने पर किसी भी तरह के नुकसान की जिम्मेदारी संचालक की होगी।

सिनेमा प्रबंधकों के मुताबिक फिलहाल सभी के पास फिल्म पद्मावत के प्रिंट मौजूद हैं। मौजूदा दौर में बस थोड़ी ही देर में कोई भी फिल्म दिखाई जा सकती है। इसके लिए केडीएम (की डिलेवरी मेसेज) मिलना जरूरी है। सिनेमाघर संचालक की मांग के बाद डिस्ट्रीब्यूटर की ओर से केडीएम दे दिया जाता है। अनुमति मिलने के थोड़ी देर बाद ही फिल्म दिखाई जा सकती है।

इस बीच तमाम अटकलों को दर किनार करते हुए पैलेस सिनेमा प्रबंधक ललित किशोर श्रीवास्तव ने साफ तौर पर कहा कि फिलहाल फिल्म नहीं दिखाई जाएगी। इस बाबत गेट पर सूचना चस्पा कर दी गई है। हमारे लिए हमारे दर्शकों की सुरक्षा सबसे अहम है, इससे कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि माहौल सामान्य होता है तो फिल्म के प्रदर्शन के बारे मेें विचार किया जाएगा। राजकरन के प्रबंधक अकील खान ने भी कहा कि माहौल के मुताबिक ही कोई निर्णय लिया जाएगा। हालांकि स्टार सिनेमाज के मालिक आशुतोष अग्रवाल और पायल-झंकार के प्रबंधक विमल के मुताबिक बृहस्पतिवार को फिल्म के प्रदर्शन की तैयारी है।

 जिला न्यायालय ने पद्मावत फिल्म के विरोध में बवाल, सार्वजनिक संपत्ति में तोड़-फोड़ और जानलेवा हमला के आरोप में गिरफ्तार सातों आरोपियों की जमानत नामंजूर कर दी है। सभी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। आरोपियों की जमानत अर्जी पर सीजेएम रेशमा चौधरी ने सुनवाई की। बुधवार को सिविल लाइंस थाने की पुलिस ने पद्मावत फिल्म के विरोध में बवाल के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया । गिरफ्तार किए गए मानवेंद्र प्रताप सिंह, रवि सिंह, अवनीश सिंह, विश्व प्रताप सिंह, अनिल कुमार सिंह और अमित पाल को कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया और उनकी ओर से प्रस्तुत जमानत अर्जी खारिज कर दी गई है।
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