राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू से पद्मश्री सम्मान प्राप्त करते प्रोफेसर श्याम बिहारी अग्रवाल। फाइल फोटो
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इसी साल 25 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्मश्री से सम्मानित किया था। एक सितंबर 1942 को उनका जन्म हुआ था। पांच दिन पहले उन्होंने अपना जन्मदिन मनाया था।
एक दिन पहले शिक्षक दिवस पर इलाहाबाद इंटर कॉलेज में हुए थे सम्मानित। सार्वजनिक जीवन की अंतिम तस्वीर।
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5 सितंबर 2025 को शिक्षक दिवस के मौके पर इलाहाबाद इंटर कॉलेज में प्रोफेसर श्याम बिहारी अग्रवाल को सम्मानित भी किया गया था। शायद यह उनके जीवन की अंतिम तस्वीर है।
प्रोफेसर श्याम बिहारी अग्रवाल। फाइल फोटो
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एक सितंबर 1942 को सिरसा, मेजा (प्रयागराज) में जन्मे प्रो. श्याम बिहारी अग्रवाल ने चार जनवरी 1968 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बतौर लेक्चर ज्वाइन किया था। उनके प्रयासों से इविवि में बीएफए, एमएफए और शोध कार्यक्रम की शुरुआत हुई। वर्ष 2003 में सेवानिवृत्ति के बाद डाॅ. अग्रवाल ने प्रयाग संगीत समिति में दृश्य कला संकाय की स्थापना की और इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ में विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। उनके चित्रकला संबंधी लेख और पुस्तकें कला जगत में महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं।
डाॅ. अग्रवाल के चित्र देश-विदेश में सराहे गए और विभिन्न संग्रहालयों में रखे गए हैं। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल द्वारा राज्य ललित कला अकादमी के सदस्य के रूप में मनोनीत डॉ. अग्रवाल ने नवोदित कलाकारों को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने कई कला प्रदर्शनियों का संचालन किया और कला त्रैमासिक पत्रिका का संपादन किया।
डॉक्टर श्याम बिहारी अग्रवाल को सम्मानित करते महापौर गणेश केसरवानी । फाइल फोटो
राष्ट्रपति से पद्मश्री मिलने के बाद उनको बधाई देने पहुंचे प्रयागराज के महापौर उमेशचंद्र गणेश केसरवानी ने प्रोफेसर अग्रवाल के घर तक जाने वाली चक गली का नाम बदलकर पद्मश्री प्रोफेसर श्याम बिहारी अग्रवाल के नाम पर करने की घोषणा की थी। महापौर गणेश केसरवानी ने प्रोफेसर श्याम बिहारी से मुलाकात करने के साथ इसकी घोषणा की। कहा कि जल्द ही नगर निगम सदन में इसका प्रस्ताव पारित कर आगे की कार्रवाई पूरी की जाएगी।
इविवि के दृश्य कला विभाग के प्रो. श्याम बिहारी अग्रवाल को पद्मश्री के सम्मान से नवाजा गया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान दिया था। इसी क्रम में महापौर गणेश केसरवानी ने प्रोफेसर बिहारी से जीरो रोड स्थित उनके आवास पर मुलाकात कर बधाई दी। महापौर ने कहा था कि पद्मश्री मिलना प्रयागराज के लिए गौरव की बात है।