करनाईपुर क्षेत्र के बादलपुर गांव में शारदा सहायक नहर टूटने पर मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के अध
- फोटो : Samvad
धमौर और बिजलीपुर गांव के बीच शारदा सहायक खंड 39 नहर की पटरी टूटने से किसानों की कई बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई। जानकारी होने पर सिंचाई विभाग के कर्मचारी पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से किसी तरह से नहर की पटरी को दुरुस्त कराया।
बहरिया विकास खंड में लगभग 45 फीसदी फसल की सिंचाई शारदा सहायक खंड 39 नहर और उसे निकले रजबहा और माइनरों से की जाती है। दो दिन से नहर ओवरफ्लो चल रही है।
शुक्रवार की रात धमौर के मजरा गांव चक अमानउल्ला उर्फ चकमोदन और बिजलीपुर गांव के बीच शारदा सहायक खंड 39 नहर की दाहिनी पटरी पानी के रिसाव से टूट गई। शनिवार की सुबह जानकारी होने पर कई गांव के जुटे किसानों ने नहर बांधने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली तो सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई।
मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने जेसीबी मंगवा कर किसी तरह से नहर की पटरी को दुरुस्त करवाया। इस दौरान कई बीघा खेत जलमग्न हो गए। ज्यादातर खेतों में धान की रोपाई हो चुकी थी। किसानों का कहना है कि पानी के तेज बहाव से खेतों में लगे पौधे बह गए। नहर के टूटने से किसानों का भारी नुकसान हुआ है। किसान छोटेलाल, सालिकराम, विजय बहादुर, दिनेश कुमार यादव और रामचंद्र आदि किसानों की फसलों में पानी भर गया।
नहर टूटी नहीं थी। किसानों की ओर से धान की रोपाई के लिए नहर की पटरी काटी गई थी। तेज बहाव के कारण कटाव बढ़ गया, जिससे खेतों में अधिक पानी भर गया। सूचना मिलते ही मजदूरों से नहर की पटरी की मरम्मत करा दी गई है। मामले की जांच कर पटरी काटने वाले के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकांश किसानों के खेतों में अभी धान की रोपाई नहीं हुई है। -अभिजीत कुमार वर्मा, सिंचाई विभाग
करनाईपुर क्षेत्र के बादलपुर गांव में शारदा सहायक नहर टूटने पर मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के अध- फोटो : Samvad