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Owner Killing : जिस बाप की उंगली पकड़कर बेटी ने चलना सीखा, उसी ने उसकी सांसें रोक दीं

Sun, 09 Nov 2025 04:13 PM IST
विनोद सिंह सत्येंद्र पटेल, प्रयागराज

सार

घूरपुर की एक रात, जो अब हमेशा के लिए दर्द की कहानी बन गई। वहां कोई शोर नहीं था, न कोई चीख, बस नींद में सोई एक बेटी थी और उसके सिर पर मंडराती अपने ही पिता की परछाईं। एक वार में सब खत्म हो गया।
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हत्या। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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घूरपुर की एक रात, जो अब हमेशा के लिए दर्द की कहानी बन गई। वहां कोई शोर नहीं था, न कोई चीख — बस नींद में सोई एक बेटी थी और उसके सिर पर मंडराती अपने ही पिता की परछाईं। एक वार में सब खत्म हो गया — रिश्ते, भरोसा और वह ममता, जो कभी बेटी की ढाल हुआ करती थी।

15 साल की सरिता को क्या मालूम था कि उसका पिता, जो हर शाम थककर लौटता था, उसी रात उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा खतरा बन जाएगा। उसने सामान्य रात की तरह खाना खाया, बातें कीं, और फिर नींद में चली गई। उसे नहीं पता था कि उस रात वह उसकी नींद भी नहीं थी, बल्कि खुद के मां-बाप ने ही खाने में नींद की दवा मिलाई थी। वही नींद उसके जीवन की आखिरी बन गई।

जिस पिता ने उसके बचपन की मुस्कान को अपनी ताकत बताया था, वही एक दिन उस मुस्कान को हमेशा के लिए छीन ले गया। मां सब देखती रही। शायद डर में, शायद चुप्पी में, लेकिन उसकी खामोशी ने भी एक बेटी की जिंदगी रोक दी। सुबह गांव वालों ने जब सरिता को झाड़ियों में पाया, तो पूरे कांटी गांव में मातम पसर गया। वहीं शनिवार को मामले के खुलासे के बाद किसी को विश्वास नहीं हुआ कि एक पिता अपनी बेटी का गला रेत सकता है।

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