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संदेह के घेरे में 50 हजार से अधिक परीक्षार्थी

Tue, 19 Dec 2017 12:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड-2018) की परीक्षा के  लिए प्रदेश भर से आवेदन करने वाले छात्र-छात्राओं में 50 हजार से अधिक संदेह के घेरे में हैं। इनके फॉर्म के साथ लगाए गए प्रणाम पत्रों की जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद परिषद ने विद्यालयों से इनका रिकार्ड तलब कर लिया है। जांच में फर्जीवाड़ा पाए जाने पर ये छात्र-छात्राएं परीक्षा से वंचित हो सकते हैं।
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हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा पास कराने के नाम पर छात्र-छात्राओं के फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर फॉर्म भराने का खेल लंबे समय से चल रहा है। पिछले वर्ष यह मामला सामने आया था, जब मेरठ में तकरीबन 25 हजार छात्र-छात्राओं के आवेदन में फर्जी प्रमाण पत्रों का पता चला था। इसका खुलासा परीक्षा फल घोषित होने के बाद हुआ, जिसमें सभी परीक्षार्थी सफल हो चुके थे। इन परीक्षार्थियों का परिणाम अवैध घोषित कर दिया गया। यह मामला मुख्यमंत्री तक भी पहुंचा था और उन्होंने माध्यमिक  शिक्षा निदेशक को रिकार्ड के साथ तलब किया था। तथा फर्जीवाड़ा करने वाले विद्यालयों के प्रबंधक और प्रधानाचार्यों के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज कराने का भी निर्देश दिया गया था।

ऐसे में इस बार परिषद इसे लेकर पहले से सचेत था। आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही परिषद ने इसकी जांच शुरू करा दी थी। इसमें इलाहाबाद समेत वाराणसी, बरेली, मेरठ और गोरखपुर क्षेत्रीय कार्यालय से जुड़े जिलों में 50 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं के आवेदन फॉर्मों में लगे प्रपत्रों के फर्जी होने का संदेह है। इसके आधार पर सचिव नीना श्रीवास्तव ने इन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से ऐसे छात्र-छात्राओं का रिकार्ड तलब कर लिया है। सत्यापन में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद ऐसे विद्यार्थियों का आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा और परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे।
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा नकल विहीन करना अफसरों केलिए बड़ी चुनौती है। परीक्षा बिना नकल सफलतापूर्वक निपट जाए, इसके लिए बोर्ड के अफसरों ने मंथन शुरू कर दिया है। सचिव नीना श्रीवास्तव सोमवार को इलाहाबाद के क्षेत्रीय सचिव डॉ. प्रदीप कुमार एवं बरेली के क्षेत्रीय सचिव विनोद कृष्ण के साथ बैठक की। इस दौरान बड़ी संख्या में अयोग्य लोगों द्वारा किए गए आवेदनों पर चर्चा हुई। साथ ही मॉडल पेपर पर भी योजना बनाई गई। मंगलवार को वाराणसी, मेरठ एवं गोरखपुर के क्षेत्रीय सचिवों के साथ भी बैठक होंगी। इसके बाद परीक्षा की तैयारी को अंतिम रूप दिया जाएगा।
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