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चिन्मयानंद महानिर्वाणी से बाहर

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Out of cinnamayanand mahanirvani
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संशोधित - क्रासर बदला गया है।
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अब महानिर्वाणी से भी बाहर किए गए चिन्मयानंद
0 अखाड़े से जुड़े किसी भी कार्यक्रम में उनके शामिल होने पर भी रोक
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। एलएलएम की छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी चिन्मयानंद को संत समाज से बहिष्कृत करने की घोषणा के बाद शनिवार को महानिर्वाणी अखाड़े ने भी उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। उन्हें न सिर्फ अखाड़े से निष्कासित कर दिया है बल्कि अखाड़े से जुड़े किसी भी कार्यक्रम में उनके शामिल होने पर भी रोक लगा दी है।
महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत राम सेवक गिरि ने कहा कि स्वामी चिन्मयानंद को महानिर्वाणी अखाड़े से बाहर किए जाने का फैसला पदाधिकारियों की आपसी सहमति से लिया गया है। इस मामले में अगर वह कोर्ट से बाइज्जत बरी होते हैं और उन पर लगे सभी आरोप गलत साबित होते हैं, तभी दोबारा उनकी वापसी संभव है।
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अखाड़े के इस फैसले से अगर चिन्मयानंद जमानत पर जेल से रिहा भी हो जाते हैं, तब भी वह महानिर्वाणी के किसी भी आयोजन में शामिल नहीं हो सकेंगे। अखाड़े का मानना है कि चिन्मयानंद पर जो गंभीर आरोप लगे हैं और जिस तरह से उनका वीडियो सामने आया है, उससे अखाड़े के साथ ही संत समाज की छवि धूमिल की है।
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बता दें, महानिर्वाणी अखाड़े से पहले अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की ओर से उन्हें संत समाज से बहिष्कृत कर दिया गया था। हालांकि हरिद्वार में दस अक्तूबर को होने वाली अखाड़ा परिषद की बैठक में विभिन्न अखाड़ों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में इस पर मुहर लगेगी।
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