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फैसले से बेटियों के हौसले को लगे पंख

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भारतीय सेना में महिलाओं की भूमिका और भागीदारी को लेकर जब-तब सवाल उठाए जाते रहे हैं लेकिन सेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर के बाद न सिर्फ सेना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी बल्कि उन्हें पूरी समयावधि का लाभ भी मिल सकेगा।
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फैसले से एनसीसी की छात्राओं से लेकर सेना भर्ती की तैयारी से जुड़े संस्थानों तक ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सेना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में सार्थक कदम बताया है।
6 यूपी गर्ल्स बटालियन की प्रशासनिक अधिकारी मेजर डॉ.फराह दीबा बोलीं, अब तक महिलाओं को सीमित अवधि तक ही सेना में नौकरी का अधिकार था, लेकिन यह फैसला उन्हें ‘सच्ची समानता’ का अधिकार दिला सकेगा। पूरी नौकरी के अधिकार से उनमें नौकरी को लेकर असुरक्षा की भावना दूर हो सकेगी।
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एनसीसी में उनके नामांकन का प्रतिशत पहले की अपेक्षा बहुत बढ़ा है।
अभिभावक भी उत्साह से बेटियों को एनसीसी से जुड़ने के लिए भेजने लगे हैं। तकरीबन दो दशकों पहले तक जहां एनसीसी में बेटियों की संख्या बहुत सीमित थी, उसमें तकरीबन सौ फीसदी तक इजाफा हुआ है। दो दशकों में उनकी संख्या बढ़कर दोगुनी हो गई है। इस फैसले से उनमें आत्मविश्वास के साथ ही सुरक्षा और नेतृत्व की भावना में भी बढ़ोतरी होगी।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के एसोसिएट एनसीसी अफसर डॉ. मुनीश कुमार पांडेय ने फैसले को छात्राओं के लिए वरदान बताया।
कहा, एनसीसी में पहले जहां निर्धारित एक तिहाई कोटे को छात्राओं से भरना मुश्किल होता था, वहीं बीते दिनों छात्राओं की संख्या कोटे से कहीं ज्यादा जा पहुंची है। एनसीसी से कई छात्राएं सेना भर्ती के लिए अलग से ट्रेनिंग लेेती थीं। अब स्थायी कमीशन से नौकरी में सुरक्षा की भावना बढ़ने से सेना भर्ती के लिए प्रशिक्षण लेने वालों की संख्या भी बढ़ेगी। निश्चित रूप से फैसले से उनमें सुरक्षा की भावना बढ़ेगी।
कैप्टन बत्रा क्लासेज के निदेशक विकास दुबे ने आंकड़ों के सहारे अपनी बात कही। बोले, तीन वर्ष पहले सेना भर्ती के लिए संस्थान में जहां 2000 में से सिर्फ 70-80 छात्राएं ही होती थीं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से निश्चित रूप से छात्राओं की संख्या छात्रों के बराबर हो जाएगी। सीडीएस में अब तक छात्राएं एक पद के लिए ही आवेदन कर सकती थीं, अब उन्हें एक से ज्यादा विकल्प मिल जाएंगे। स्थायी कमीशन के सुप्रीम फैसले से महिलाओं को भी सीमित नहीं बल्कि पूरी सेवा अवधि का लाभ मिलेगा। इससे सेना में नौकरी के प्रति उनकी ललक और बढ़ेगी।
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