इलाहाबाद। लोक सेवा आयोग के खिलाफ प्रदर्शन और तोड़फोड़ करने के आरोप में गिरफ्तार सभी 23 छात्रों को मुकदमे से बरी कर दिया गया है। इनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिलने पर पुलिस द्वारा दाखिल रिपोर्ट पर सीजेएम रिजवान अहमद ने शुक्रवार को सभी की जमानत मंजूर करते हुए उनको रिहा करने का आदेश दिया।
छात्रों के वकील शीतला प्रसाद मिश्र ने बताया कि 23 छात्रों के खिलाफ 15 अप्रैल को कर्नलगंज थाने में तीन अलग- अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे। इनमें मारपीट, बलवा, तोड़फोड़, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा सेवन सीएलए एक्ट की धाराएं लगाई गई थी। सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
पुलिस की विवेचना में आरोपी छात्रों के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला। यहां तक की घटना के समय उनकी घटना स्थल पर उपस्थिति भी साबित नहीं हो सकी। तमाम छात्रों ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि आरोपी छात्र घटना के वक्त घटना स्थल पर मौजूद ही नहीं थे। पुलिस की इस रिपोर्ट के बाद सीजेएम ने सभी छात्रों को तीस-तीस हजार रुपये के व्यक्गित बंधपत्र पर जेल से रिहा करने का आदेश दिया।