मऊआइमा थाना क्षेत्र की एक किशोरी के साथ हुए दुष्कर्म और उसके गर्भवती होने के एक संवेदनशील आपराधिक मामले में जिला प्रशासन ने अहम कदम उठाया है। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र भेजकर पीड़िता और आरोपी के डीएनए सैंपलिंग की प्रक्रिया नियमानुसार सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
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जिलाधिकारी की ओर से जारी पत्र में पुलिस उपायुक्त गंगानगर के आठ जुलाई के पत्र का हवाला देते हुए कहा गया है कि मामले में में शामिल नाबालिग पीड़िता मेडिकल जांच के दौरान गर्भवती पाई गई है। ऐसे में उसके स्वास्थ्य और सहमति का ध्यान रखते हुए गर्भ समापन की स्थिति में भ्रूण का डीएनए सैंपल सुरक्षित रखने के साथ ही आरोपी का भी डीएनए नमूना लिया जाना आवश्यक है। पत्र में मुख्य चिकित्साधिकारी को डीएनए सैंपलिंग की प्रक्रिया पूरी कर सूचना पुलिस उपायुक्त गंगानगर को उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं।