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High Court : अवैध हिरासत पर पीड़ित को दो लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश, अधिकारियों के वेतन से की जाए वसूली

Wed, 10 Jun 2026 11:38 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

Allahabad High Court Order : अवैध हिरासत के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज कमिश्नरेट पुलिस के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया है। बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अवैध हिरासत के मामले में एसीपी बारा के वेतन के दो लाख रुपये की वसूली का आदेश दिया है। यह मुआवजा पीड़ित को देने का आदेश जारी किया है। कहा कि पुलिस ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज कमिश्नरेट में पुलिस की ओर से शक्तियों के दुरुपयोग और अवैध हिरासत मामले में सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने पीड़ित व्यक्ति को छह सप्ताह के भीतर दो लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश राज्य सरकार को दिया है। बाद में यह राशि जिम्मेदार सहायक पुलिस आयुक्त, बारा, प्रयागराज के वेतन से अनुशासनात्मक जांच के बाद वसूली जाए।

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यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने मंसूर अहमद उर्फ लल्लू की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर दिया है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि याची को 19 मार्च, 2026 को हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने बिना उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए उसे सीधे जेल भेज दिया। कानूनन याची को व्यक्तिगत मुचलका भरने का अवसर दिया जाना चाहिए था। नियमों का पालन किए बिना आठ दिनों तक जेल में रखना अवैध माना।

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भविष्य में व्यक्तिगत मुचलका पर ही रिहा किया जाए

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि भविष्य में किसी भी व्यक्ति को हिरासत में लेने पर व्यक्तिगत मुचलका पर ही रिहा किया जाए। यदि कोई व्यक्ति मुचलका देने से इन्कार करता है तो उसकी लिखित या ऑडियो-विजुअल रिकॉर्डिंग अनिवार्य होगी। इन आदेशों का उल्लंघन होने पर प्रतिदिन 25,000 रुपये का मुआवजा देने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

पुलिस अधिकारी शक्तियों का कर रहे दुरुपयोग

कोर्ट ने व्यक्तिगत मुचलका भरने का अवसर न देने को स्तब्ध करने वाला करार दिया। कहा कि कमिश्नरेट में पुलिस अधिकारियों को दी गई मजिस्ट्रेट की शक्तियों का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हो रहा है। कोर्ट ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि केवल प्रयागराज कमिश्नरेट में ही 2026 में अब तक 721 लोगों को इसी तरह अवैध रूप से हिरासत में लिया गया है।
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