इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले रेलवे कर्मचारी के परिवार को राहत दी है। सोनभद्र के रेणुकूट में तैनात सीनियर टेक्नीशियन विनोद कुमार जोशी की मौत के मामले में रेलवे की ओर से दिए गए 10.16 लाख के मुआवजे को अपर्याप्त मानते हुए रद्द कर दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले रेलवे कर्मचारी के परिवार को राहत दी है। सोनभद्र के रेणुकूट में तैनात सीनियर टेक्नीशियन विनोद कुमार जोशी की मौत के मामले में रेलवे की ओर से दिए गए 10.16 लाख के मुआवजे को अपर्याप्त मानते हुए रद्द कर दिया है। कोर्ट ने आश्रितों को 27 लाख के साथ बकाये पर 12 प्रतिशत प्रतिवर्ष की ब्याज दर से भुगतान करने का आदेश दिया है। साथ ही मानसिक वेदना के लिए एक लाख रुपये मुआवजा अदा करने का निर्देश भी दिया है।
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न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि मुआवजे की गणना कर्मचारी के वास्तविक वेतन (39,900 रुपये) पर होनी चाहिए, न कि सरकार की ओर से तय न्यूनतम 15,000 की सीमा पर। कोर्ट ने माना कि बिजली विभाग की लापरवाही (शटडाउन न लेने) के कारण हुए इस हादसे के लिए रेलवे प्रतिनिधिक दायित्व से बच नहीं सकता।
लिहाजा, कोर्ट ने रेलवे को चार माह में मुआवजे का नए सिरे से निर्धारण कर करीब 27 लाख रुपये व बकाये राशि पर दुर्घटना की तारीख से 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज व मानसिक वेदना का एक लाख मुआवजा भुगतान करने का आदेश दिया है।