इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती में सभी अभ्यर्थियों को कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन का एक और मौका दिया है। कोर्ट ने कहा है परीक्षा नियामक प्राधिकारी के सचिव दो सप्ताह में मिलने वाली अर्जियों का पुनर्मूल्यांकन कराएं। न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने अनिरुद्ध नारायण शुक्ल और 118 अन्य लोगों की याचिका सहित सैकड़ों याचिकाओं को निर्णीत करते हुए यह आदेश दिया है।
कोर्ट ने कहा है कि कई लोगों ने समय के भीतर पुनर्मूल्यांकन और अन्य आपत्तियों के निस्तारण की अर्जियां दे दी थीं। लेकिन तमाम ऐसे अभ्यर्थी भी थे, जिन्होंने याचिका लंबित रहने या अन्य कारणों से अर्जी नहीं दी है। सभी को दो सप्ताह में अर्जी देने का मौका दिया जा रहा है। इसके बाद किसी को भी अर्जी देने की अनुमति नहीं दी जायेगी। प्राधिकारी के सचिव ने कोर्ट को बताया कि पुनर्मूल्यांकन का कार्य दो माह में पूरा कर लिया जाएगा और खाली रह गई सीटों को भरा जाएगा।
याचिकाओं में उठाए गए मुद्दों को कोर्ट ने आठ केटेगरी में बांट कर उस पर विचार किया और कहा कि सरकार ने स्वयं ही आदेश जारी कर गलती सुधारने की प्रक्रिया अपनाई है। इस प्रक्रिया में तमाम खामियां पाई गई हैं, जिनको सुधार कर सही लोगों को चयन में शामिल किया जा रहा है।