इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज पुलिस को करेलाबाग के पूर्व पार्षद नंदलाल निषाद उर्फ नंदा समेत छह लोगों के खिलाफ रंगदारी मांगने के आरोप में दर्ज मामले की विवेचना निष्पक्ष रूप से 45 दिनों में पूरी करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी और विनोद दिवाकर की खंडपीठ ने अरुण कुमार की ओर से निष्पक्ष विवेचना की मांग को लेकर दाखिल याचिका निस्तारित करते हुए पारित किया है।
मामला प्रयागराज के करेली थाने का है। करेलाबाग स्थित गेस्ट हाउस संचालक याची ने पूर्व पार्षद नंदा समेत छह लोगों के खिलाफ रंगदारी मांगने के आरोप में वर्ष 2023 में एफआईआर दर्ज कराई थी।
याची के अधिवक्ता सुनील चौधरी ने बताया कि आरोपियों की ओर से गिरफ्तारी से बचने के लिए दाखिल अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो चुकी है, लेकिन तीन माह बीत जाने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की, जबकि मामला संज्ञेय अपराध से जुड़ा है।
कहा, पूर्व पार्षद प्रभावशाली है, जिनके दबाव में गिरफ्तार हुए दो आरोपियों के खिलाफ लगी रंगदारी की धाराएं हटाने की अर्जी पुलिस की ओर सेेेेेेे निचली अदालत में दाखिल की गई थीं जो खारिज हो गईं। कोर्ट ने याचिका को निस्तारित करते हुए थाना प्रभारी करेली को 45 दिन के भीतर निष्पक्ष विवेचना पूरी करने का आदेश दिया।